बताया कि लॉकडाउन में कई शिक्षकों की ड्यूटी कोरोना के राहत कार्य में लगाई गई है। क्वारंटीन केंद्र, रेलवे स्टेशन और भोजन वितरण आदि राहत कार्य में शिक्षक तैनात हैं, लेकिन उन्हें स्वास्थ्यकर्मियों की भांति बीमा लाभ और सुविधा नहीं दी जा रही है।
उन्होंने परिषद को पत्र लिखकर यह स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है कि अवकाश के दिनों में काम करने की प्रतिपूर्ति किस रूप में होगी। उन्होंने 40 दिन के अवकाश को उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज कराने संबंधी आदेश जारी करने की मांग की है।