जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि संघ प्रमुख की उम्र ज्यादा हो गई है इसलिए उनकी जबान फिसल जा रही। उन्होंने कहा है कि मोहन भागवत की नीति व नीयत में कोई शंका नहीं है पर उम्र ज्यादा होने के कारण उनकी जबान फिसल जा रही हैl
तपस्वी छावनी के जगदगुरु परमहंस आचार्य ने संघ प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख की उम्र ज्यादा हो गई है इसलिए उनकी जबान फिसल जा रही। उन्होंने कहा है कि मोहन भागवत की नीति व नीयत में कोई शंका नहीं है पर उम्र ज्यादा होने के कारण उनकी जबान फिसल जा रही है। अब उन्हें हर मंदिर में शिवलिंग नहीं दिखाई पड़नी चाहिए जैसी भाषा बोलनी पड़ रही है।
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परमहंस आचार्य ने कविता के अंदाज में कहा कि संघ संहार नहीं सृजन चाहता है, खुशियों से भरा वतन चाहता है...पर हमें अपने धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए देश विरोधी लोगों, पत्थर फेंकने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी होगी। इन लोगों को रास्ते से हटाना होगाl यह समझाने से मानने वाले लोग नहीं हैं। अगर समझाने से बात बनती तो हनुमान जी जैसे बुद्धिमान रावण जी को समझाने में असफल नहीं होते। परमहंस आचार्य ने कहा कि कश्मीर में सरकार के प्रयास के बावजूद हिंदू स्थापित नहीं हो पा रहे हैं। आक्रांताओं के द्वारा तोड़े गए मंदिरों को हम हर हाल में लेकर ही रहेंगे। परमहंस आचार्य ने कहा कि जितने भी मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाई गई हैं वहां पुनः मंदिर का स्थापना करना होगा। उन्होंने कहा कि हिंदू तुष्टीकरण से देश बंट गया,हिंदुओं पर संकट छाया हुआ है।