लखनऊ। पारा पुलिस ने अधिवक्ता की मौत के मामले में पहले नौ लोगों पर हत्या की एफआईआर दर्ज की। इसके कुछ ही घंटों में इस धारा को बदलकर लापरवाही से मौत होने की धारा में तरमीम कर दिया।
20 दिसंबर को आलमनगर स्थित दुर्गा मंदिर के पास रहने वाले अधिवक्ता चांद बाबू सैनी की आरडीएसओ ओवरब्रिज पर हुए सड़क हादसे में मौत हो गई थी। घरवालों ने अधिवक्ता की जमीन के विवाद के चलते हत्या का आरोप लगाया था। आरोप था कि दोस्त ने हत्या कर घटना को सड़क हादसे में दिखाने का प्रयास किया था। रविवार को अधिवक्ता की बहन ने पारा थाने में दोस्त व आठ अन्य के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
हैरत की बात यह कि पुलिस ने कुछ ही घंटाें में तफ्तीश पूरी कर धारा तरमीम कर दी। पुलिस ने कार चालक गौरव जैन को लापरवाही से वाहन चलाने के दौरान अधिवक्ता की मौत होने का आरोपी बनाया। इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के अनुसार सभी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज देखे गए, लेकिन कहीं से भी हत्या की पुष्टि नहीं हुई।