निर्माणाधीन पारा-जलालपुर फ्लाईओवर।
लखनऊ। सेतु निगम ने केसरीखेड़ा फ्लाईओवर के अधूरे काम को गति देने के साथ ही पारा-जलालपुर फ्लाईओवर पर भी निर्माण कार्य तेज कर दिया है। इस फ्लाईओवर का सबसे अहम हिस्सा रेलवे पुल है, जो छह महीने में बनकर तैयार होगा। इसके लिए 52 करोड़ रुपये की लागत का टेंडर निकाला गया है, जो 20 अगस्त को खुलेगा।
सेतु निगम मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार पारा-जलालपुर फ्लाईओवर के दो प्रमुख कार्य अभी लंबित हैं। रेलवे पुल का निर्माण और पारा की ओर अधूरी सड़क के लिए भूमि खाली कराना। रेलवे पुल के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही सितंबर से निर्माण शुरू हो जाएगा। पुल के बनने से राजाजीपुरम सेक्टर-डी और पारा की ओर बन रहे फ्लाईओवर के दोनों हिस्से आपस में जुड़ जाएंगे। सेतु निगम को दिसंबर 2026 तक फ्लाईओवर का निर्माण पूरा करना है।
185 मीटर लंबा होगा रेलवे पुल
52 करोड़ से बनने वाला यह पुल 185 मीटर लंबा होगा, जो आलमनगर-उतरेटिया व काकोरी रेलवे लाइन के ऊपर बनेगा।
बारिश के बाद दीवारों का काम
राजाजीपुरम की ओर फ्लाईओवर की दोनों तरफ दीवारों का निर्माण बारिश के बाद शुरू होगा। छोटे-बड़े बचे हुए कार्य इसी दौरान पूरे किए जाएंगे। सेतु निगम के एमडी ने धर्मवीर सिंह ने शुक्रवार को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।
भूमि अधिग्रहण के लिए धारा-11 की कार्रवाई जारी
फ्लाईओवर के पारा की ओर अधूरे हिस्से के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने संयुक्त रूप से अधिग्रहण के लिए धारा-11 की कार्रवाई जारी है।
जानिए, क्या है धारा-11
धारा-11 के तहत सरकार सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किसी निजी भूमि को अधिग्रहीत करने की प्रारंभिक अधिसूचना जारी करती है। इस अधिसूचना की तिथि पर भूमि का बाजार मूल्य तय किया जाता है, जिसके आधार पर मुआवजे की राशि निर्धारित की जाती है।