यहां आयोजित होगा 'मेगा इवेंट'
इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यवेक्षक विनोद तावड़े व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की मौजूदगी में पंकज ने भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में नामांकन दाखिल किया। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चौधरी के अलावा किसी और ने नामांकन नहीं किया है। इसलिए, उनका प्रदेश अध्यक्ष चुना जाना पहले से तय था। उनके अध्यक्ष चुने जाने की अधिकारिक एलान रविवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में डॉ, राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित 'मेगा इवेंट' में किया गया।
समर्थकों ने गर्मजोशी से किया स्वागत
भारी गहमागहमी के बीच चौधरी के नामांकन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रदेश सरकार में मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, दारा सिंह चौहान, एके शर्मा व असीम अरुण और केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने चौधरी के नाम का प्रस्ताव किया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार चौधरी शनिवार को दोपहर 2 बजे भाजपा मुख्यायलय पहुंचे। चौधरी के लखनऊ पहुंचते ही एयरपोर्ट पर और पार्टी कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं खासतौर से महाराजगंज से आए समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
पीडीए समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश
कई महीनों के मंथन के बाद भाजपा ने पूर्वांचल के कद्दावर नेता और महराजगंज से सात बार के सांसद व केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी पर दांव लगाया है। इसके पीछे कई सियासी मायने हैं। पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष की कमान देकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पिछड़ों को साधने के साथ ही विपक्ष के पीडीए समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश की है। यही नहीं, भाजपा ने पंकज चौधरी के सहारे अपने परंपरागत कुर्मी वोट को भी साधने का प्रयास किया है। साथ ही कार्यकर्ताओं को यह भी संदेश दिया है कि भाजपा अपने मूल काडर के कीमत को भूलती नहीं है।