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भाजपा के पोस्टर में नेहरू की एंट्री, श्यामा प्रसाद मुखर्जी गायब

Thu, 18 Aug 2016 11:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बाराबंकी
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तिरंगा यात्रा के पोस्टर में पंडित नेहरू - फोटो : amar ujala
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सरदार वल्लभ भाई पटेल, महात्मा गांधी और अम्बेडकर के बाद क्या नेहरू भी भाजपा आदर्श नेता हो गए हैं। हमेशा अपने मंचों से नेहरू-गांधी परिवार की आलोचना करने वाली भाजपा क्या अब नेहरू की नीतियों को सही मानने लगी है।
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यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि भाजपा के नए पोस्टर इसकी गवाही दे रहे हैं। इस पोस्टर में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं नेहरू और शास्त्री को तो प्रमुखता से स्थान दिया गया है मगर भाजपा के पितामह श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोस्टर से गायब दिखाई दे रहे हैं।

यह पोस्टर सामने आने के बाद जहां भाजपा नेताओं को जवाब नहीं सूझ रहा है वहीं कांग्रेसी जमकर चुटकी ले रहे हैं। मामला 16 अगस्त का है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह जिले में तिरंगा यात्रा का शुभारंभ करने आए थे।
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कार्यक्रम का आयोजन जीआईसी के ऑडीटोरियम में किया गया था। तिरंगा यात्रा के लिए भाजपा ने जो पोस्टर बनवाए थे उनमें प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
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'कश्मीर समस्या के लिए नेहरू को ही ठहराया जिम्मेदार'

इस पोस्टर में भाजपा के अपने दीनदयाल उपाध्याय तो हैं मगर उसके पितामह जिनके लिए वह नारा लगाती आयी है कि 'जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है' पोस्टर से गायब दिखाई दे रहे हैं। साथ ही पोस्टर में कांग्रेस के लालबहादुर शास्त्री को भी रखा गया है।

मामला सामने आने के बाद भाजपा जिला इकाई में हड़कंप मच गया है। भाजपा के पोस्टर में नेहरू का आना इसलिए भी बड़ी बात है क्योंकि अब तक भाजपा नेहरू और गांधी परिवार को पानी पी पी कर कोसती है। साथ काश्मीर समस्या के लिए सिर्फ नेहरू को ही जिम्मेदार ठहराती है।

सवाल ये भी है कि क्या भाजपा के पास एक भी आदर्श नेता नहीं है। पहले गांधी फिर सरदार पटेल बीच बीच में लालबहादुर शास्त्री और अब नेहरू।
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'जनसंघ व आरएसएस ने कभी आजादी में भाग ही नहीं लिया'

इस सवाल का जबाव कांग्रेस सांसद डॉ. पीएल पुनिया ने दिया। उन्होंने कहा कि जनसंघ और आरएसएस ने कभी आजादी के लड़ाई में हिस्सा ही नहीं लिया है तो इनके आदर्श पुरुष कहां से होंगे। ये तो मुस्लिम लीग के साथ बंगाल में सरकार चला रहे थे। इनके पूर्वजों ने देश की आजादी का ही विरोध किया था।

इनके आदर्श नेता सावरकर जी तो अंग्रेजों की मदद कर रहे थे इसलिए इनकी मजबूरी है कि ये गांधी, नेहरु, पटेल और शास्त्री का सहारा लें।

वहीं, भाजपा के जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव का कहना है कि हम हर स्वतंत्रता सेनानी का सम्मान करते हैं। नेहरू जी भी सेनानी थे। हमारे प्रथम प्रधानमंत्री हैं हम उनका आदर करते हैं।
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