प्रदेश की ग्रामीण पंचायतों को अगले पांच वर्ष में 15वें वित आयोग की संस्तुतियों के अंतर्गत करीब 50 हजार करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। केंद्र ने वित्त वर्ष 2020-21 में केंद्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों पर प्रदेश को 9752 करोड़ रुपये देने का एलान किया है।
इसमें पहली किस्त के रूप में 2438 करोड़ रुपये प्रदेश को आवंटित कर दिया है। प्रदेश सरकार ने यह रकम ग्रामीण निकायों में शामिल ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों में वितरण का फार्मूला भी तय कर दिया है। क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों को 15वें वित्त आयोग की संस्तुति पर पहली बार राशि प्राप्त हो रही है।
प्रदेश सरकार ने 15वें वित्त आयोग से मिलने वाली रकम जिलों के बीच वितरित करने के लिए 90 प्रतिशत जनसंख्या व 10 प्रतिशत क्षेत्रफल को आधार मानने का फैसला किया है। इसी तरह जिले स्तर पर उपलब्ध राशि का बंटवारा जिला पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों व ग्राम पंचायत में 15:15: 70 के अनुपात में होगा।
यानी जिले में उपलब्ध राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा ग्राम पंचायतों को व 15-15 प्रतिशत क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों को दिया जाएगा। जिला स्तर पर क्षेत्र पंचायतों के लिए उपलब्ध रकम का जिले की क्षेत्र पंचायतों में वितरण 90 प्रतिशत जनसंख्या व 10 प्रतिशत अनुसूचित जाति व जनजाति की जनसंख्या को भार देते हुए किया जाएगा।