पंचायत चुनावों के चलते सूबे के गांवों में आजकल वैसे ही रौनक है। ऐसे में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से सूबे के ग्रामीणों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सूबे के गांव -गांव में हो रही सफाई, सैनिटाइजेशन और फागिंग ने गांवों की रौनक में इजाफा कर दिया।
जी हां, बीते तीन दिनों दिनों से राज्य के गावों में पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों की देख रेख में सफाईकर्मीं साफ सफाई का अभियान चल रहा है। गांवों की नालियों को साफ किया जा रहा है। गांवों में ढ़ेर हो गए कूड़े को हटाया जा रहा है। यहीं नहीं गांवों में फागिंग की जा रही है और गांव की नालियों में कीटनाशकों का छिडकाव किया जा रहा है। ताकि लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके।
बीते साल कोरोना संक्रमण के दौरान सफाई, सैनिटाइजेशन और फागिंग पर शहरों में अधिक तथा गांवों में कम ध्यान दिया गया था। इस बार जैसे ही कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरु हुई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे के शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना से लोगों को बचाने के लिए सफाई, सैनिटाइजेशन और फागिंग करने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री का मानना है कि सामान्य रुप से डेंगू, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफलाइटिस तथा अन्य संक्रामक बीमारियों के मामले में अक्सर वृद्धि होती है। कोरोना संकट के समय यह बीमारी भी नियंत्रण में रहें इसके लिए सफाई और सैनिटाइजेशन किया जाना जरूरी है। योजना तैयार कर इसके लिए शहर तथा गांवों में अभियान चलाया जाए ।
मुख्यमंत्री के इस फैसले के तहत गत नौ अप्रैल को अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने सूबे के सभी जिलाधिकारियों और निदेशक पंचायतीराज को कोरोना एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए प्रदेश स्तर पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाये जाने का निर्देश दिया।
इस आदेश के तहत गत शनिवार को राज्य के 62291 राजस्व ग्रामों में 82052 कर्मियों के जरिए नालियों की सफाई, हैण्डपम्प के चारो तरफ की सफाई की गई, गांव में सेनिटाइजेशन और फागिंग का कार्य किया गया। इसी तरह से 11 अप्रैल (रविवार) को 59559 राजस्व गांवों में 72768 कर्मियों के जरिए गांवों की नालियों और पंचायतघर को साफ किया गया।
हैण्डपम्प के चारों तरफ जमा हो गई गंदगी को साफ किया गया और सैनिटाइजेशन और फागिंग कराई गई। जबकि 13 अप्रैल को 59468 राजस्व गांवों में 81356 कर्मियों के जरिए सफाई अभियान चलाया गया। जिसके तहत गांवों में ब्लीचिंग पावडर/ सोडियम हाइपोक्लोराइड का छिड़काव किया गया और फागिंग कराई गई। गांवों में साफ सफाई करने संबंधी यह अभियान अभी जारी रहेगा।
फिलहाल सरकार के इस अभियान की अब चर्चा होने लगी है। इसकी वजह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गांवों पर दिया जा रहा ध्यान हैं। जिसकी वजह से गांवों में वरासत जैसा अभियान चला। इस अभियान में करीब नौ लाख अधिक लोगों के वर्षों से लंबित वरासत संबंधी प्रकरणों का निस्तारण मात्र तीन माह में हो गया।
इसके आलावा सरकार की घरौनी योजना से ग्रामीणों को उनके घर का मालिकाना प्रमाणपत्र मिल रहा है। जिसके जरिए अब ग्रामीण बैंक से कर्ज ले पा रहे हैं। यही नहीं गांवों में अब बिजली भी तय समय में मिलने लगी है। ऐसे में गांवों में हो रही साफ सफाई तथा सैनिटाइजेशन और फागिंग को लेकर ग्रामीण काफी खुश हैं। जिन गांवों में अभी साफ सफाई का यह अभियान शुरू नहीं हुआ है, वहा के ग्रामीण इस अभियान के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।