‘पंख तो हैं हमारे पर आसमां नहीं.., जिंदगी तो है हमारी मगर ख्वाब नहीं..
काश एसा होता पंख के लिए हमारे आसमां होता..’।
नारी मन की दबी आकांक्षाएं
और उम्मीदें रंगों में ढलकर चित्रों में उतरी तो कला के पारखी देखते ही रह
गए।
17 चित्रों में सिमटी नारी मन की उड़ान, उनकी भावनाएं और आधुनिकता की
ओर उनकी टकटकी को बनारस से आई युवा चित्रकार रीना सिंह ने बखूबी समेटा।
अलीगंज स्थित ललित कला क्षत्रीय केन्द्र में बृहस्पतिवार से शुरू हुई
प्रदर्शनी ‘समर्पण’ में कृतियों के तमाम रंग बिखरे।
प्रदर्शनी का उद्घाटन
कांग्रेस नेता प्रो. रीता बहुगुणा जोशी और राज्य ललित कला अकादमी के
अध्यक्ष लालजीत अहीर ने किया।