कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी।
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राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कश्मीर घाटी के पहलगाम में आतंकवादी हमले को पूरी तरह कायराना हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में पर्यटकों पर यह आतंकी हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने हमले में हुई मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए सभी घायल सैलानियों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने बयान जारी कर कहा है कि कश्मीर घाटी की पहचान अमन व शांति की है। उन्होंने कहा कि यह हमला कश्मीरियत के मेदास के खिलाफ है। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी एक बड़े सगंठित आतंकी संगठन ने ली है। उन्होंने कहा कि कश्मीर को इस समय पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल नहीं है। वहां के लेफ्निेंट गर्वनर के पास गृह विभाग है। ऐसे में केन्द्र सरकार को इस आतंकी हमले की पूरी तरह नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि केन्द्र सरकार इस आतंकी हमले का कठोर और माकूल जबाब तुरंत दे। उन्होंने गम्भीर सवाल उठाया कि यह चिंताजनक है कि पाकिस्तानी सीमा पर से आखिर हथियार कैसे आ रहे हैं। वहीं उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि केन्द्र बताए कि सीमा पर से आतंकवादी कैसे कश्मीर घाटी में अपना फन फैला रहे हैं। उन्होंने इस हमले को लेकर केन्द्र सरकार को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वह दावा करती आ रही है कि धारा 370 समाप्त होने के बाद वहां आतंकवाद मर गया है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले की भयावह तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। ये हमला हर दृष्टिकोण से निंदनीय है। उन्होंने कहा कि घायलों के शीघ्रातिशीघ्र उपचार के लिए देश की सबसे अच्छी चिकित्सा सेवाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं। केंद्र की सरकार को सबसे पहले सुरक्षा के वातावरण को सुनिश्चित करने की जरूरत है, तभी स्थानीय निवासियों और पर्यटकों का जीवन सुरक्षित रह सकता है।