लखनऊ। जानकीपुरम विस्तार में गोमती दर्शन संस्था की ओर से मंगलवार को बैठक हुई। इसमें गोमती पर मंडराते संकट पर चर्चा हुई। संस्था की अध्यक्ष श्वेता सिंह ने कहा कि गोमती में गिर रहे 33 नाले इसके पानी को दूषित कर रहे हैं। नदी को साफ करने के लिए इसके उद्गम स्थल माधव टांडा पीलीभीत से लेकर सभी जिलों तक नदी की स्थिति का गहन अध्ययन किया जाएगा। फिर मार्च में उद्गम स्थल से पदयात्रा निकाली जाएगी, जो लखनऊ में संपन्न होगी।
मुख्य अतिथि गंगा समग्र अवध प्रांत के संयोजक अधिवक्ता अनुराग पांडे ने सरकारी आंकड़ों पर सवाल उठाए। कहा कि वास्तविक स्थिति को छिपाया जा रहा है। बैठक में गोमती को बचाने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर मंथन किया गया। सोनी सिंह, अधिवक्ता गौर दीक्षित, संजीव श्रीवास्तव, पंकज शुक्ला, राजेश शुक्ला, अरविंद जायसवाल, अरविंद कुमार पांडेय, अमरेश पांडे आदि मौजूद रहे।