फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर में विकसित होंगे ऑक्सीजन पार्क, गांवों में पोषण वाटिका

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञान सक्सेना
विज्ञापन

लखनऊ। पर्यावरण बेहतर बनाने के साथ कुपोषण से छुटकारा दिलाने को अब शहरी क्षेत्र में आबादी वाले इलाकों में ऑक्सीजन पार्क और कुपोषण में चिह्नित ग्राम पंचायतों में पोषण वाटिका विकसित होंगी। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन कार्ययोजना के पहले चरण में अमृत मिशन के तहत वायु प्रदूषण के आधार पर संवेदनशील चिह्नित आबादी क्षेत्र में 20 ऑक्सीजन पार्क विकसित करेगा। वहीं, ब्लॉक स्तर पर चिह्नित ग्राम पंचायतों में पोषण वाटिका विकसित कर मुफ्त फल बांटे जाएंगे। पार्कों में जहां ऑक्सीजन देने वाले पौधों को रोपित कर हरा-भरा बनाया जाएगा, वहीं कुपोषित ग्राम पंचायतों में उपयोगी फल व औषधि वाले पौधे उगाए जाएंगे।
शहरी इलाकों में गुम होती हरियाली और लगातार जारी पेड़ों की कटान से वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा घट रही है। इससे बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए राजधानी स्थित रीजनल सेंटर अर्बन एंड एनवायरमेंटल स्टडीज के विशेषज्ञों ने भी अमृत योजना के तहत ऑक्सीजन पार्क विकसित करने की जरूरत बताई है। नगर विकास विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगर निगम स्तर पर शहरी इलाकों में ऑक्सीजन पार्क विकसित कराने का जिम्मा जिला प्रशासन की अगुवाई में गठित संबद्ध विभागों की समन्वय समिति को सौंपा है। डीएम कौशल राज शर्मा ने राजधानी के शहरी इलाकों में कार्ययोजना लागू करने के लिए अमृत मिशन के तहत नगर निगम से आबादी क्षेत्रों में स्थित पार्कों का विवरण मांगा है। पहले चरण में 20 पार्कों को चिह्नित कर वहां ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन देने वाले पीपल, नीम, बरगद, एलोवेरा, राम तुलसी, पाम-ट्री और बांस के पौधे लगाए जाएंगे। इन पार्कों में बाउंड्रीवाल के साथ फलदार व छायादार पौधों की नर्सरी बनाई जाएगी। यहां छोटे बच्चों के खेलकूद के इंतजाम भी होंगे। इन पार्कों के विकसित होने से बढ़ते वायुप्रदूषण पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पोषण वाटिकाओं से मुफ्त मिलेगा फल
कुपोषण से छुटकारा दिलाने को प्रशासन चिह्नित ग्राम पंचायतों में पोषण वाटिका विकसित करेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी में इन पोषण वाटिकाओं में होने वाले फल कुपोषित बच्चों व गर्भवती को मुफ्त दिए जाएंगे। सीडीओ की निगरानी में इस कार्ययोजना को प्रभावी बनाया जाएगा। इतना ही नहीं कुपोषित बच्चों व गर्भवती के परिवारीजनों को मनरेगा के तहत इन पोषण वाटिकाओं की देखभाल व निगरानी की जिम्मेदारी सौंपकर रोजगार भी दिया जाएगा। आपूर्ति विभाग कुपोषण से पीड़ित परिवार को सस्ती दर पर अनाज उपलब्ध कराने को खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन कार्ड भी देगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें