कपिलेश्वर वैदिक गुरुकुल में श्रावणी उपाकर्म का आयोजन
लखनऊ। धीरे-धीरे लुप्त हो रही प्राचीन वैदिक परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से कपीश्वर वैदिक गुरुकुल में श्रावणी उपाकर्म का भव्य आयोजन किया गया। गुरुकुल प्रमुख डॉ. विवेक तांगड़ी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में साै से अधिक बटुकों और गणमान्य अतिथियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इस प्राचीन संस्कार में भाग लिया।
आयोजन में बटुकों और अतिथियों का 36 प्रकार के पवित्र पदार्थों से अभिषेक और स्नान कराया गया। इनमें दूध, दही, गोमूत्र, गंगाजल, चंदन व गुलाब जल, गन्ने और अनार का रस, पंचगव्य, पंचधान्य तथा पंचामृत शामिल रहे।
नए अध्ययन और आत्मशुद्धि का संकल्प
डॉ. तांगड़ी ने बताया कि श्रावणी उपाकर्म को वैदिक जीवन-पद्धति में नई शुरुआत, आत्मशुद्धि और ज्ञानार्जन के संकल्प का पर्व माना जाता है। प्राचीन समय में इसी अवसर पर गुरुकुलों और आश्रमों में नए अध्ययन-अध्यापन सत्र की शुरुआत होती थी। यजुर्वेद परंपरा में इसका आयोजन श्रावण पूर्णिमा पर किया जाता है। वैदिक विधि-विधान का संचालन आचार्य अंकित दीक्षित ने किया। समापन पर हवन हुआ और प्रतिभागियों को रक्षा सूत्र बांधा गया। इस अवसर पर डॉ. पंकज सिंह भदौरिया, आत्मा प्रकाश मिश्र, ऋद्धि गौड़, रजत सक्सेना और मनीष शर्मा सहित अनेक अतिथि व श्रद्धालु मौजूद रहे।