पीएसी से नागरिक पुलिस में आए जवानों को प्रमोशन मांगने पर उन्हें मूल काडर पीएसी में भेज दिया गया है। ऐसे 896 पुलिसकर्मियों को पदावनत करते हुए वापस किया गया है जबकि 22 आरक्षियों को आरक्षी के ही पद पर वापस भेजा गया है।
गुरुवार को डीजीपी मुख्यालय से जारी इस आदेश से रिवर्ट होने वाले पुलिसकर्मियों में भारी रोष है। 2008 से पूर्व पीएसी से नागरिक पुलिस में स्थानांतरण हो जाया करता था। इसके तहत कुल 932 पुलिसकर्मी सशस्त्र पुलिस बल से नागरिक पुलिस में आए।
उनमें से 890 आरक्षी से मुख्य आरक्षी के पद पर प्रोन्नत हो गए। 6 को उप निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति मिली, 22 आरक्षी के पद पर ही रहे और 14 की मृत्यु हो गई। उप निरीक्षक पद पर जिन्हें प्रोन्नति नहीं मिली उन्होंने अदालत का रुख किया।
अदालत ने इस पर डीजीपी मुख्यालय से जवाब मांगा। वहीं, डीजीपी मुख्यालय ने इस स्थानांतरण के आदेश को ही गलत बता दिया। कहा कि पीएसी व नागरिक पुलिस दो अलग-अलग संवर्ग हैं। पूर्व में पीएसी से कुछ लोगों की ड्यूटी नागरिक पुलिस में लगाई गई थी। जिसे संवर्ग परिवर्तन नहीं कहा जा सकता। क्योंकि इसका न तो कोई शासनादेश है और न ही किसी नियमावली में प्राविधान।