जिले में छोटी-बड़ी करीब 500 से ज्यादा कंपनियां फैब्रिकेशन के काम से जुड़ी हैं, जिन्हें गैस न मिलने से उनके सामने फैक्टरी चलाने का संकट बढ़ गया है। मंगलवार को सरकार ने उत्पादन ईकाइयों और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को 80 फीसदी गैस उपलब्ध कराने की बात कही, लेकिन उद्यमियों को कोई राहत मिली नहीं है।
पीएनजी कनेक्शन से बड़े उद्योगों को राहत
कॉमर्शियल व घरेलू एलपीजी सिलिंडर की किल्लत की वजह से जहां छोटे उद्योगों व रेस्टोरेंट कारोबार को बड़ा झटका लगा है। वहीं, पीएनजी कॉमर्शियल व औद्योगिक कनेक्शन वालों को राहत है। ग्रीन गैस लिमिटेड के एजीएम प्रवीण सिंह बताते हैं कि अभी पीएनजी के लिए चिंता की बात नहीं है। हम लोग बड़ी बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अभी जो डिमांड है, वह पूरी की जा रही है।
लखनऊ में 3.5 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर पर डे (एससीएमडी) की खपत है। हमारी दो श्रेणियां हैं एक कॉमर्शियल और दूसरा इंडस्ट्रियल। लखनऊ के 12 बड़े होटल व रेस्टोरेंट में कनेक्शन हैं। इसमें छप्पन भोग, महेश नमकीन समेत लखनऊ एयरपोर्ट भी शामिल हैं। वहीं, उद्योग में अमूल, करम, अशोक लेलैंड, सूर्या फूड जैसी 12 बड़ी कंपनियों में पीएनजी आपूर्ति की जा रही है।