एलडीए ने वेलनेस सिटी में जमीन न मिलने के कारणों की गहराई से जांच कराई तो सामने आया कि योजना में बड़े-बड़े लोगों और माफियाओं की काफी बेनामी जमीन है। 50 बीघा से अधिक जमीन अकेले दिवंगत माफिया अतीक अहमद की है। अब पड़ताल की जा रही है कि जो जमीन है उसमें कितने खसरा नंबर शामिल हैं और मौजूदा समय में खतौनी में वह किनके नाम दर्ज है। जिनके नाम दर्ज हैं वह खरीदार हैं या डमी खरीदार बनाए गए हैं।
रियल एस्टेट कंपनियों ने पहले ही खरीद ली जमीन
जिन आठ गांवों में वेलनेस सिटी योजना बसनी है, वहां दर्जन भर रियल एस्टेट कंपनियां पहले ही काॅलोनी बसाने के लिए जमीन खरीद चुकी हैं। कंपनियों ने आवासीय योजना के लिए एलडीए से लेआउट भी पास करा लिया है। इनमें एक रियल एस्टेट कंपनी जौनपुर के चर्चित पूर्व सांसद की है जो कागजों पर उनके रिश्तेदार की बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि यही कारण हैं एलडीए को वेलनेस सिटी योजना में जमीन जुटाने में परेशानी हो रही है।