विधानसभा में गूंजा आउटर रिंगरोड टूटने का मामला
सपा ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई
केशव ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की दिलाई याद, कहा-दिखवाएंगे
राजधानी की आउटर रिंगरोड (किसान पथ) पहली ही बारिश में जगह-जगह से टूटने का मामला विधानसभा में उठा। सपा ने इस रोड के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग उठाई। इस पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे में पूर्व में जगह-जगह टूटने व दरार का हवाला देते हुए सपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रकरण केंद्र सरकार से जुड़ा होने के बावजूद इसे स्थानीय स्तर पर दिखवा लेंगे।
सपा के उज्जवल रमण सिंह ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिये यह मामला उठाया। उन्होेंने कहा कि रिंगरोड 5000 करोड़ की लागत से बनी और पहली ही बरसात में धंस गई। इसकी रिटेनिंग वॉल भी कमजोर थी। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए कहा कि इसकी उच्चस्तरीय तकनीकी जांच हो और दोषी को दंडित किया जाए। उन्होंने इस सड़क के निर्माण में करोड़ों की बंदरबांट का आरोप लगाते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की।
उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि यह परियोजना केंद्र सरकार की है। पहली वर्षा में स्वाभाविक तौर पर इस तरह की स्थिति आ सकती है। उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का हवाला देते हुए कहा कि उसमें दर्जनों जगह इस तरह की स्थिति आई थी। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार का विषय नहीं है। वह एनएचआई से बात कर दिखवाएंगे। अधिष्ठाता सुखदेव राजभर ने उपमुख्यमंत्री को दिखवाने का निर्देश दिया।