लखनऊ। राजधानी में स्वाइन फ्लू के साथ ही वायरल और सर्दी-जुकाम के मरीज भी तेजी से बढ़े हैं। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में जुकाम-बुखार के मरीजों की संख्या 50 फीसदी बढ़ गई है। प्रतिदिन चार से पांच हजार मरीज इन बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। इससे अस्पतालों के मेडिसिन और पीडियाट्रिक वार्ड में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। कई वार्डों में एक-एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती किया जा रहा है।
बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु और ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय, बीआरडी महानगर समेत अन्य अस्पतालों की ओपीडी में यही स्थिति है। सबसे ज्यादा मरीज बुखार, गले में खराश, खांसी और नाक बहने की शिकायत लेकर आ रहे हैं। सांस संबंधी दिक्कतें भी मरीजों में देखी जा रही हैं। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का असर अधिक है। पहले से बीमार मरीज भी वायरल, सर्दी-जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि मेडिसिन व बाल रोग विभाग की ओपीडी में 50 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं।
त्वचा रोगों में भी वृद्धि
बारिश और उमस के कारण त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीज भी बढ़े हैं। बलरामपुर अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएच उस्मानी ने बताया कि ओपीडी में खुजली, फंगल संक्रमण और लाल चकत्ते जैसी समस्याएं लेकर मरीज आ रहे हैं। उन्होंने मरीजों को शरीर सूखा रखने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
गर्भवती महिलाएं रहें सतर्क
क्वीन मेरी अस्पताल की डॉ. सुजाता देव ने गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में संक्रमण से बचने के लिए यह सावधानी जरूरी है। वायरल संक्रमण और तेज बुखार गर्भस्थ शिशु की सेहत पर असर डाल सकता है। बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर खुद से दवा न लें। डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
बलरामपुर अस्पताल में भर्ती मरीज।
बलरामपुर अस्पताल में भर्ती मरीज।
बलरामपुर अस्पताल में भर्ती मरीज।
बलरामपुर अस्पताल में भर्ती मरीज।