अनिल सिंह चौहान
गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने की परंपरा बख्शी का तालाब में आज भी कायम है। 12 अक्तूबर से शुरू होेने वाली तीन दिवसीय रामलीला में 21 हिंदू-मुस्लिम पात्र हिस्सा लेंगे। शुरुआत शिव बरात से होगी। खास बात यह है कि यहां की रामलीला में राम, लक्ष्मण और सीता का पात्र मुस्लिम निभाते हैं।
रुदही के मैकूलाल स्कूल में इन दिनों बख्शी का तालाब दशहरा मेला में होने वाली रामलीला के कलाकार रिहर्सल में जुटे हैं। 66 वर्षीय डायरेक्टर साबिर कहते हैं कि 48 वर्षों के अपने कॅरिअर में मैंंने कभी पात्रों के उत्साह में कमी नहीं देखी। उन्होंने बताया, वर्ष 2000 में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेई ने उन्हें लासा कौल राष्ट्रीय एकता पुरस्कार से सम्मानित किया था।
साबिर बताते हैं कि इस रामलीला में 20 वर्षीय साहिल खान पिछले दस साल से काम कर रहे हैं। इस बार वे राम बने हैं। 18 वर्षीय कैश खान भी इतने ही समय से रामलीला से जुड़े हैं। वह लक्ष्मण के किरदार में मंच पर नजर आएंगे। 15 वर्षीय फरहान खान सीता का किरदार निभाएंगे। वे पिछले तीन से साल से काम कर रहे है। इसी प्रकार हनुमान का किरदार अजय मौर्या निभा रहे हैं।
किरदार के साथ करते हैं मेहनत
बख्शी का तालाब के आदर्श मॉन्टेसरी स्कूल में यूकेजी के स्टूडेंट मो. अरशद और उनका छोटा भाई हमजा खान रामलीला से बहुत प्रभावित हैं। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ वह रामलीला की रिहर्सल करने के लिए मैकूलाल स्कूल पहुंच जाते है। इस बार हमजा खान रामलीला के प्रमुख दृष्य जनक बरात के बीच राजा के किरदार में नजर आएंगे।