लखनऊ राजभवन में आयोजित प्रादेशिक फल, शाकभाजी प्रदर्शनी को देखतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्य
लखनऊ। जैविक खेती में अपार संभावनाएं हैं। इसे बढ़ावा देना वर्तमान समय की मांग है। जैविक खेती अपनाने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय को दोगुना करने के सपने को पूरा किया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। किसानों को डेढ़ गुना एमएसपी दिया जा रहा है। ये बातें शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजभवन में शाकभाजी, पुष्प प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 वर्ष पूर्व जब प्रदर्शनी में राजभवन आए थे, तब किसानों और पुष्प उत्पादकों ने उस समय की आवश्यकताओं के अनुसार अच्छा प्रदर्शन किया था। 4 वर्ष के दौरान अब आवश्यकताओं के साथ ही प्राथमिकताएं भी बदली हैं। आज की प्रदर्शनी में जैविक फल, सब्जी और पुष्प का भी प्रदर्शन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बुंदेलखंड में स्ट्रॉबेरी की सफलतापूर्वक खेती के लिए झांसी की छात्रा गुरलीन चावला के प्रयासों की सराहना की है। एक अन्य किसान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उसने डेढ़ एकड़ क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की फसल उगाई, जिसमें उसकी लागत 6 लाख रुपये आई। जबकि, फसल 40 लाख रुपये में बिकी। इस तरह से विविधीकरण के माध्यम से उस किसान को 34 लाख रुपये की आय हुई। किसान इस तरह के नए प्रयोगों और कृषि विविधीकरण से अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट और काला चावल उगाने वाले किसानों का भी उल्लेख किया। काला चावल उगाने वाले किसानों को उनकी उपज का मूल्य 700 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की मेहनत से आज देश और प्रदेश में अनाज का प्रचुर भंडार है। आत्मनिर्भर भारत अभियान में किसान अपना भरपूर योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान प्रदेश में 119 चीनी मिलों का संचालन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने एक स्मारिका का विमोचन भी किया। उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए फल, शाकभाजी और पुष्प स्टॉल को देखा। कार्यक्रम के दौरान उद्यान मंत्री श्रीराम चौहान, मुख्य सचिव आरके तिवारी, एपीसी आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मनोज सिंह उपस्थित रहे।