लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने नगर निगम को कैसरबाग स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय के आसपास बचा अतिक्रमणों समेत वकीलों के अवैध चैंबर तिथि तय करके ढहाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि कार्रवाई से सप्ताह भर पहले सूचित भी किया जाएगा। अदालत ने मामले की सुनवाई 17 दिसंबर को तय करके इस बीच नगर निगम के अफसरों को जरूरी कदम उठाने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने यह आदेश जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों के आसपास कथित अतिक्रमण हटाने की मांग से संबंधित तीन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट के पहले के आदेश के अनुपालन में 25 अक्तूबर को अवैध अतिक्रमण हटाए थे। 26 को सुनवाई के समय नगर निगम के अधिवक्ता ने कार्रवाई की तस्वीरें पेश करते हुए कहा कि बचा अवैध निर्माण ढहाने की तिथि तय की जाएगी।
कोर्ट ने इन अतिक्रमणों को हटाने का आदेश पिछले माह नगर निगम और जिला प्रशासन को दिया था। पुलिस आयुक्त समेत जिला मजिस्ट्रेट और नगर आयुक्त को निर्देश दिया था कि वे समन्वय बनाकर नगर निगम के अधिकारियों को पर्याप्त प्रशासनिक और पुलिस सहायता दें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति उत्पन्न न हो।