उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों को एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले के भी सोमवार को आदेश जारी कर दिए। साथ ही उनकी कार्यरत जिले में सेवा अवधि की बाध्यता भी समाप्त कर दी है। इससे काफी शिक्षकों को राहत मिलेगी। वहीं यह भी स्पष्ट कर दिया है कि परस्पर तबादले की प्रक्रिया तो पूरी कर ली जाएगी। किंतु शिक्षकों को कार्यमुक्त व कार्यभार ग्रहण गर्मी की छुट्टियों में ही किया जाएगा।
इस बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब कोई भी शिक्षक परस्पर तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे। एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादला ग्रामीण सेवा से ग्रामीण सेवा संवर्ग व नगर सेवा से नगर सेवा संवर्क में होगा। परस्पर तबादला स्कूल से स्कूल होगा। सहमति से जोड़ा (पेयर) बनाने वाले शिक्षकों को अनिवार्य रूप से कार्यमुक्त किया जाएगा। एक बार तबादला होने जाने पर कोई भी शिक्षक अपना आवेदन वापस नहीं ले सकेंगे। वहीं शिक्षकों की उस जिले में मौलिक नियुक्ति तिथि से पदोन्नति होने की दशा में ही योग्य होंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव यतींद्र कुमार ने बताया है कि परस्पर तबादले के लिए सीडीओ की अध्यक्षता वाली समिति होगी। वहीं तबादले चार श्रेणियों में होंगे। सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय का सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय में, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय में, सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय का सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय में विषय एक होने पर तबादला होगा।
इसी तरह प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय का सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय से तथा सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय से विषक ऐ होने की स्थिति में तबादला होगा। वहीं प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय में तबादला होगा।