लखनऊ। अपर सत्र न्यायाधीश रविंद्र प्रसाद गुप्ता ने मड़ियांव के तत्कालीन इंस्पेक्टर बृजेश कुमार और दरोगा महेंद्र प्रताप सिंह पर फर्द लिखने व अन्य प्रक्रियाओं में लापरवाही के लिए कार्रवाई का आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्णय की प्रति पुलिस आयुक्त, प्रमुख सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को भेजने को कहा। पुलिस आयुक्त को तीन माह में जांच पूरी कर आख्या प्रस्तुत करनी होगी।
25 मई 2015 को मड़ियांव पुलिस ने सीतापुर व बाराबंकी निवासी सुरेश वर्मा, फूलचंद्र, कल्लू और राममिलन को चोर बताकर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके पास से तमंचा, कारतूस व चोरी का माल बरामद होने का दावा किया। कोर्ट ने पाया कि फर्द पर अभियुक्तों के हस्ताक्षर, गिरफ्तारी मेमो पर थाने की मुहर और जिलाधिकारी की अभियोजन स्वीकृति पर मुहर नहीं थी। विवेचकों के पास आरोपियों के बयान के अतिरिक्त कोई साक्ष्य नहीं था और बरामद माल की शिनाख्त भी नहीं हुई।