यूपी में बजट सत्र के दौरान खूब हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार को घेरने की हरचंद कोशिश की मगर सीएम योगी ने जमकर जवाब दिए। आज भी सत्र हंगामेदार होने की संभावना है।
प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 2017 से लेकर मार्च 2022 तक पाइप आपूर्ति में ब्लैक लिस्टेड कंपनी को ठेका देने और मानक के विपरीत पाइप आपूर्ति को लेकर सपा ने मंगलवार को विधानसभा में सरकार को घेरा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने करीब 17 हजार 411 करोड़ रुपये के ठेके में भ्रष्टाचार और अनियमितता की है, इसमें उच्च स्तर के लोग भी शामिल रहे है।
विधानसभा में प्रश्नकाल में सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने वर्ष 2017 से मार्च 2022 तक जल जीवन मिशन योजना के तहत हुए कार्यों और राशि आवंटन का सवाल उठाया। सवाल के जवाब में राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने बताया कि योजना के तहत 17411 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है।
मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि सरकार ने छह राज्यों और सेना से ब्लैक लिस्टेड फर्म को इतना बड़ा ठेका दिया। ठेका देने से पहले फर्म के रिकार्ड की जांच नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर पर हुए घोटाले में उच्च स्तर के लोग भी शामिल है। यदि मामले की जांच क राई जाएगी तो बड़े बड़े मगरमच्छ फंस जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बोगस कंपनी को ठेका दिया था, जिसने मानक के अनुसार पाइप की आपूर्ति नहीं की। राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि उनके रिकार्ड के अनुसार किसी भी ब्लैक लिस्टेड कंपनी को ठेका नहीं दिया गया। उधर, रविदास ने सेंट्रल हॉल में मीडिया से बातचीत में कहा कि तत्कालीन जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के कार्यकाल में यह ठेका दिया गया था।
पेपर आउट का खुलासा करने वाले पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा ने मंगलवार को विधान परिषद से वॉकआउट किया। कार्यस्थगन प्रस्ताव केजरिए चंदौली में पुलिस उत्पीड़न और बलिया के पेपर आउट का मामला प्रमुखता से उठाया गया। हालांकि, नेता सदन स्वतंत्रदेव सिंह ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
सपा के डॉ. राजपाल कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार में हत्या, बलात्कार और लूट की ताबड़तोड़ घटनाएं हो रही हैं। चंदौली के सैयद राजा थाना क्षेत्र के मनराजपुर गांव में घर में घुसकर पुलिस के मारपीट करने से एक लड़की की मौत हो गई। सपा के ही लाल बिहारी यादव ने कहा कि बलिया में यूपी बोर्ड का अंग्रेजी का पेपर आउट हुआ। आउट पेपर को पत्रकारों ने डीएम के मोबाइल फोन पर भेजा तो तीन पत्रकारों को गंभीर धाराओं में जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि पेपर आउट करने में संलिप्त स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई पर कोई एतराज नहीं लेकिन कम से कम चौथे स्तंभ का तो इस तरह उत्पीड़न नहीं किया जाए।
सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि नियम-105 के नोटिस में चंदौली की घटना का जिक्र है, इसलिए सपा के सदस्य अपनी बात को वहीं तक सीमित रखेंगे तो ठीक रहेगा। नेता प्रतिपक्ष संजय लाठर ने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बद से बदतर स्थिति में पहुंच गई है।
नेता सदन स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले यूपी में कानून-व्यवस्था का हाल सबने देखा। आज बाहर से आए ऑब्जर्वर भी यहां की शांतिपूर्ण व्यवस्था की तारीफ कर रहे हैं। इसे झूठ का पुलिंदा बताते हुए सपा के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। सत्ता पक्ष ने कहा कि विपक्ष को अपने आरोपों का जवाब सुनने का भी साहस नहीं रह गया है। इसके बाद बसपा के दिनेश चंद्रा, भीमराव अंबेडकर और अतर सिंह राव ने लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में नाबालिग छात्र की हत्या और इस मामले में पुलिस के उपेक्षात्मक रवैये को विस्तार से रखा। ब्यूरो
राज्यपाल का अभिभाषण जन उपेक्षा जैसा : मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण जन उपेक्षा जैसा है। जनहित और विकास के सरकारी दावों की सार्थकता व उपयोगिता तब होती, जब वे जमीनी हकीकत से मेल खाते हुए जनता को दिखाई पड़ते हैं। मायावती ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि सोमवार को सदन के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल के अभिभाषण में राज्य सरकार को क्लीन चिट दे दी गई। यह कितना उचित है।