सपा और बसपा ने विधान परिषद में अनुपूरक बजट को दिशाहीन, विकासहीन और जनविरोधी बताते हुए विधान परिषद में सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि सरकार ने ईवीएम में गड़बड़ी के लिए दस करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, ईवीएम में गड़बड़ी की इसलिए मरम्मत करनी पड़ रही है।
सरकार विकास में भेदभाव कर रही है। विधानसभा भवन की साज सज्जा के लिए दस करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है, जबकि विधानपरिषद के लिए कुछ नहीं किया जबकि परिषद में रखरखाव की ज्यादा जरुरत है।
मंगलवार को विधान परिषद में अनुपूरक बजट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से प्रस्तुत 11388 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट निराशाजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का जनकल्याणकारी कार्यों से कोई वास्ता नहीं है।
सरकार ने सपा सरकार की समाजवादी पेंशन, लैपटॉप वितरण, गोमती रिवर फ्रंट सहित अन्य कार्य व योजनाएं बंद कर दी फिर बजट कहां गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आम बजट में जो राशि स्वीकृत कराई थी, वह ही खर्च नहीं कर सकी है तो फिर अनुपूरक बजट की आवश्यकता क्या है।
सरकार केवल मार्केटिंग करती है। बेरोजगारों को नौकरी दिलाने में सरकार नाकाम रही है। 9 महीने की सरकार में एक नई भर्ती नहीं की गई है। बीटीसी शिक्षकों की भर्ती को रोक दिया गया है। अनुदेशकों की भर्ती नहीं की जा रही है। 100 नंबर और 1090 के लिए भी बजट प्रावधान नहीं है, जबकि 1090 की यूएनओ में तारीफ हुई थी।
सरकार सपा सरकार के कार्यों को आगे बढ़ाकर वाहवाही लूट रही है। 9 महीने में सपा के कार्यकाल में हुए कार्यों एक भी जांच में गलत साबित नहीं कर सके, न ही किसी को जेल भेज सके। उन्होंने कहा कि ये धोखेबाज हैं जो केवल दूसरे दल को बदनाम करने के लिए ही जांच कराते हैं।