लखनऊ। राजधानी के गुडंबा स्थित मेनकाइन अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा और नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर अस्पताल में उपलब्ध दस्तावेज और महिला के इलाज से जुड़े रिकॉर्ड जांचे और संचालक के बयान लिए। अस्पताल के संचालन, पंजीकरण और उपचार से संबंधित जरूरी कागजात भी टीम ने जुटाए हैं। जांच पूरी होने तक अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी गई है।
बाराबंकी निवासी बलवंत की पत्नी रिंकी (25) जुड़वा बच्चों को जन्म देने वाली थीं। परिजनों ने उन्हें पहले मड़ियांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। पीलिया बढ़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें केजीएमयू के क्वीनमेरी अस्पताल रेफर किया था। आरोप है कि एक दलाल रविवार शाम रिंकी को मेनकाइन अस्पताल ले आया। प्रसव के बाद एक नवजात की मौत हो गई। कुछ देर बाद रिंकी की भी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और अधिक रुपये वसूलने का आरोप लगाया था।
निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ. एपी सिंह ने बताया कि टीम ने अस्पताल पहुंचकर संचालक को नोटिस दिया और इलाज के दस्तावेज लिए हैं। अस्पताल में सात मरीज भर्ती मिले। उन्हें इलाज पूरा करने के बाद ही छुट्टी देने के निर्देश दिए गए हैं।