आईआरसीटीसी की महत्वाकांक्षी ‘भारत दर्शन ट्रेन’ के पहिए मार्च से हमेशा के लिए थम जाएंगे। तीर्थयात्रियों को सस्ता व किफायती सफर करवाने वाली इस ट्रेन की जगह ‘भारत गौरव ट्रेन’ चलाने की तैयारी है। इसका किराया भारत दर्शन से महंगा होगा।
आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि सात मार्च को अंतिम भारत दर्शन ट्रेन रवाना की जाएगी। यह अयोध्या, वाराणसी, जसीडीह, गया, गंगासागर, जगन्नाथपुरी, कोणार्क, विष्णुपद मंदिर, गया के दर्शन कराएगी। इसमें प्रति व्यक्ति किराया 9450 रुपये रखा गया है। ट्रेन की सुविधा लखनऊ, आगरा कैंट, ग्वालियर, वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी), कानपुर, बाराबंकी, अयोध्या, जौनपुर व वाराणसी स्टेशनों से उपलब्ध रहेगी।
पटरी पर दौड़ेगी भारत गौरव
रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि भारत दर्शन ट्रेन के बंद होने के बाद भारत गौरव नाम से ट्रेन चलाई जाएगी। इसका संचालन निजी कंपनियां करेंगी। इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। ये कंपनियां पूरी बोगियों को दो से तीन साल के लिए किराए पर ले सकेंगी, जिसके बाद रेट तय कर खुद टिकटों की बुकिंग करेंगी।
इसलिए महंगा हो जाएगा टिकट
भारत दर्शन ट्रेन पर रेलवे प्रशासन 50 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी तीर्थयात्रियों को देती रही है। इससे आठ से दस दिन की यात्रा महज नौ हजार रुपये में मिलती थी, जिसमें टिकट, खानपान, स्थानीय यात्रा, ठहरने की व्यवस्था शामिल है। लेकिन भारत गौरव ट्रेन में पूरी बोगी एफटीआर (फिक्स टैरिफ रेट) पर दी जाएगी। इससे सब्सिडी खत्म हो जाएगी और नौ हजार रुपये के टिकट पंद्रह से बीस हजार रुपये तक पहुंच जाएंगे।