नेता जी बड़े चतुर हैं। राजनीति के पुराने अखाड़ेबाज हैं। लेकिन पुराने होने के बाद भी पार्टी में उनकी सुनवाई अधिक नहीं हो रही है।
सत्तारूढ़ दल से जुड़े नेताजी बार-बार आला नेताओं के काम में सुधार और पारदर्शी आचरण की बात करते रहते हैं।
ऐसे में पिछले दिनों ऊपर से उन्हें बाकी बातों में दिमाग न लगाकर मिशन 2014 के लिए जूझने के निर्देश मिल गए।
नेताजी के कई खैरख्वाहों ने उनसे मिलकर हाल-चाल लेना चाहा तो नेताजी ने अपनी नाराजगी बड़ी खूबसूरती के साथ बयां कर दी। उन्होंने कहा कि मिशन 2014 मिला है।
यानि लोकसभा में सीटों का आंकड़ा जो 20 के ऊपर था उसे अब 14 तक लाना है। ऐसे में पार्टी हित में मिशन में जुट जाना है।
नतीजे वैसे ही आएंगे तब बड़े नेताओं की आंख खुलेगी।