स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए स्कूल मैनेजमेंट कमेटी
(एसएमसी) का गठन 16 अगस्त से 5 सितंबर के बीच किया जाएगा।
एसएमसी का गठन
खुली बैठकों के जरिए किया जाएगा। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने
इस संबंध में गुरुवार को शासनादेश जारी कर दिया।
एसएमसी
गठन के लिए जनपद स्तर पर जिला शिक्षा परियोजना समिति की बैठक कर
जिलाधिकारी निर्वाचन की तिथियां घोषित करेंगे। नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल
शिक्षा का अधिकार नियमावली- 2011 के आधार पर एसएमसी का गठन प्रत्येक दो साल
पर करने की व्यवस्था है।
वर्ष 2011 में गठित एसएमसी का कार्यकाल 28 जून को
समाप्त हो गया। इसलिए नई कमेटी का गठन 5 सितंबर तक अनिवार्य रूप से किया
जाएगा।
इसमें कुल 15 सदस्य होंगे। इसके लिए उन बच्चों के माता-पिता ही
सदस्य बनने के लिए पात्र होंगे जिनके बच्चे संबंधित स्कूल में पढ़ते होंगे।
अनाथ बच्चों के संरक्षक इसके लिए पात्र होंगे।
शिक्षा मित्र, रसोइया व
शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारी समिति का सदस्य नहीं बनाया जाएगा।
एसएमसी गठन की कार्रवाई पूरी करते हुए 15 सितंबर तक राज्य परियोजना
कार्यालय को सूचना जिलेवार उपलब्ध करानी होगी।
प्राइमरी
और उच्च प्राइमरी स्कूल यदि एक ही परिसर में हैं तो इसके लिए अलग-अलग
एसएमसी का गठन किया जाएगा। इसका गठन आम सहमति से कराया जाएगा।
गठन से पहले
खुली बैठक की सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित होगी। प्रधानाध्यापक
छात्र-छात्रा के नोटबुक के माध्यम से खुली बैठक की जानकारी अभिभावक को
देगा। जिलाधिकारी सभी विकास खंडों के लिए खुली बैठक की तिथियां निर्धारित
करते हुए अधिकारियों की ड्यूटी लगाएगा।
खुली बैठक की तिथियों का चार्ट
स्कूलवार तैयार किया जाएगा। नामित अधिकारी खुली बैठक में समिति का चयन होने
तक स्वयं उपस्थित रहेगा और समिति की घोषणा के बाद जिलाधिकारी को इसकी
जानकारी देगा।
खुली बैठक ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, नगर, जिला
पंचायत अध्यक्ष या उसके द्वारा नामित सदस्य की उपस्थिति में होगी। समिति
गठन के एक सप्ताह के अंदर इसके सचिव द्वारा सदस्यों की सूची विद्यालय की
दीवार पर प्रदर्शित करनी होगी।