लखनऊ। शहर में आम आदमी के लिए खतरे का सबब बने खुले नाले जल्द ढके जाएंगे। नगर निगम ने 110 वार्डों में सर्वे के बाद 200 से ज्यादा ऐसी जगहों की पहचान की है जहां नाले काफी समय से खुले हैं और खतरनाक हैं। इन नालों को ढकने के लिए करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बीते वर्ष खुले नालों में गिरने से कई लोगों की जान गई। अमर उजाला ने भी इस मुद्दे पर शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था। जहां-जहां हादसे हुए वहां नाले को नगर निगम ने तुरंत ढकवा दिया, लेकिन अन्य खुले नालों को वैसे ही छोड़ दिया गया। अब नगर आयुक्त ने इन्हें ढकने के लिए बजट की मंजूरी दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एक महीने में काम भी शुरू किया जाएगा।
नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा ने बताया कि 110 वार्डों का सर्वे करके खुले पड़े खतरनाक नालों की पहचान की गई है। शहर में ऐसे 200 से अधिक स्थान चिह्नित किए गए हैं।
नालों की सफाई का काम भी होगा
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि बारिश से पहले नालों की सफाई का अभियान अभी से चलाया जाएगा। छोटे नालों के साथ ही बड़े नालों की सफाई भी कराई जाएगी। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। इस बार योजना है कि वर्ष में नालों की दो बार अच्छी तरह से सफाई हो।
वार्डों में सफाई की होगी प्रतिस्पर्धा
स्वच्छ सर्वेक्षण को देखते हुए सफाई के लिए भी नगर निगम विशेष अभियान चलाएगा। इसके तहत वार्डों के बीच साफ-सफाई की प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी। जो वार्ड सफाई, कूड़ा कलेक्शन आदि में अव्वल रहेगा, उसको पुरस्कृत भी किया जाएगा। इस संबंध में सभी जोनल सिनेटरी अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
शहर में जो भी नाले खुले हैं और लोगों के लिए खतरनाक हैं, उन्हें अभियान चलाकर ढका जाएगा। इसके लिए बजट पास किया गया है। एक महीने में यह काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही नालों की सफाई के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
-गौरव कुमार, नगर आयुक्त
शहर के विभिन्न इलाकों में खुले नाले जो हैं खतरे का सबब। - फोटो : संवाद
शहर के विभिन्न इलाकों में खुले नाले जो हैं खतरे का सबब। - फोटो : संवाद