लखनऊ के हॉटस्पॉट इलाकों के लोगों को घर में ही रोकने और सही तरीके से उनकी स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई रणनीति अपनाई है। इसके तहत इन क्षेत्रों में गुरुवार से टेंट लगाकर ओपीडी चलाई जाएगी। सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक मरीज देखे जाएंगे। इस दौरान जिन्हें बाहर भेजने की जरूरत होगी, उन्हें एंबुलेंस से रेफर किया जाएगा।
राजधानी के 18 हॉटस्पॉट इलाकों में कई लोग इलाज के बहाने बाहर निकल रहे हैं। वहीं, कुछ को मामूली बीमारियों में उपचार के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा बीपी और शुगर के शिकार बुजुर्गों को परेशानी हो रही है। कई लोगों ने यह भी शिकायत की है कि उन्हें चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने इन इलाकों में रह रहे लोगों को उनके घर के पास ही सुविधा देने की योजना बनाई है।
गुरुवार से शुरू ओपीडी में मरीजों को नि:शुल्क इलाज और दवा दी जाएगी। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन की हर हॉटस्पॉट इलाके के लिए अलग टीमें बनाई हैं। हॉटस्पॉट इलाकों के लोगों की इंफ्लूएंजा की भी जांच कराई जाएगी। फ्लू होने के सात दिन के अंदर और सात दिन बाद जांच करके देखा जाएगा कि कहीं उनमें कोरोना वायरस तो नहीं है। जिनमें बुखार, खांसी, नाक बहना और गले में खराश जैसे लक्षण हैं, उनकी पहले से स्क्रीनिंग की जा रही है। अब इंफ्लूएंजा की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट निगेटिव आती है तो भी सात दिन बाद स्क्रीनिंग होगी।