कोरोना को देखते हुए राजधानी के सभी चिकित्सा संस्थानों में एवं अस्पतालों में ओपीडी बंद कर दी गई हैं। आज से सभी अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी में ही मरीजों का इलाज किया जाएगा। इसके लिए इमरजेंसी की व्यवस्थाएं बढ़ा दी गई हैं। फीवर क्लीनिक के साथ इमरजेंसी को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया है। वहीं विभिन्न अस्पतालों में करीब 1000 बेड रिजर्व कर दिए गए हैं।
केजीएमयू, पीजीआई, लोहिया संस्थान, लोकबंधु, सिविल, बलरामपुर अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे चलती रहेंगी। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को तत्काल भर्ती कर लिया जाएगा। जिन मरीजों को दवा देकर घर भेजा जा सकता है उन्हें लौटा दिया जाएगा।
केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना करीब दस हजार मरीज आते हैं। सीएमएस प्रो. डॉ. एसएन शंखवार में बताया कि गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में 24 घंटे इलाज मिलेगा।
लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. एके त्रिपाठी ने बताया कि सर्दी जुकाम या संक्रमित मरीज काफी संख्या में आ रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण न बढ़े इसलिए ओपीडी बंद की गई है। पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान ने बताया कि जिन मरीजों की सेहत में सुधार है उन्हें डिस्चार्ज कर दिया है।
रविवार को खाली कराए गए वार्ड
राजधानी के चिकित्सा संस्थानों में रविवार को विभिन्न वार्डों को खाली कराया गया। ऐसी स्थिति में इन बेडों को रिजर्व में रखा गया है। केजीएमयू में करीब 420, लोहिया संस्थान में 100 और एसजीपीजीआई में 350 बेड का इंतजाम किया गया है।