फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: लखनऊ-अयोध्या के बीच चलने वाली इकलौती डबलडेकर बस सेवा बंद, इस कारण यात्रियों का हुआ मोहभंग

Fri, 17 Jul 2026 10:04 AM IST
Bhupendra Singh नीरज 'अम्बुज', अमर उजाला, लखनऊ

सार

राजधानी लखनऊ से अयोध्या के बीच चलने वाली इकलौती डबलडेकर बस सेवा बंद हो गई है। ज्यादा सुविधाएं और कम किराये के बावजूद इसे यात्री नहीं मिल रहे थे। स्पीड कम होने के कारण तीन से चार घंटे में बस अयोध्या पहुंच रही थी। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
इलेक्ट्रिक डबलडेकर बस।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी लखनऊ से अयोध्या के बीच चलने वाली इकलौती डबलडेकर बस सेवा बंद हो गई है। किराया कम होने के बावजूद बस को यात्री नहीं मिल रहे थे। अफसर बताते हैं कि बस की स्पीड कम होने के कारण इसे अयोध्या पहुंचने में चार घंटे तक लग रहे थे। इसकी वजह से यात्रियों ने बस से किनारा कर लिया।

विज्ञापन


लखनऊ में रोडवेज बसों के बेड़े को अत्याधुनिक बनाने के लिए पिछले वर्ष आठ डबलडेकर बसें खरीदी गईं। राम मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक जोड़ी बस को लखनऊ-अयोध्या रूट पर चलाया गया। शेष छह बसें बाराबंकी डिपो में खड़ी कर दी गईं, जिन्हें अन्य रूटों पर चलाना था। अयोध्या रूट की डबलडेकर बसों को शुरुआती दौर में यात्रियों का अच्छा रेस्पॉन्स मिला। बाद में इस सेवा से यात्रियों का मोह भंग हो गया।

इस कारण बस सेवा को बंद किया गया

अधिकारियों ने बताया कि डबलडेकर बस की अधिकतम स्पीड 50 किमी प्रति घंटे है। भीड़भाड़ के कारण बस औसतन 40 से 45 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ही चल पा रही थी। अयोध्या तक 140 किमी की दूरी तय करने में बस को तीन से चार घंटे लग रहे थे। रोडवेज की अन्य बसें दो से ढाई घंटे में ही अयोध्या पहुंचती हैं। यात्रियों की कमी से बस का खर्च निकालना मुश्किल हो गया था। इसी कारण इस बस सेवा को बंद किया गया है।

सुविधाओं से भरपूर थी डबलडेकर बस

डबलडेकर बस में एयरकंडीशन के साथ-साथ आरामदायक कुर्सियां हैं। बस की कुल सीटिंग क्षमता 64 है, जिसमें 35 ऊपर व 29 सीटें नीचे हैं। सेफ्टी व सिक्योरिटी के भी अच्छे इंतजाम हैं। इस बस की बैलेंसिंग अन्य से काफी बेहतर है। इसके बावजूद यात्रा में देरी ने इस बस से यात्रियों का मोहभंग कर दिया।
विज्ञापन

ऐसे लौट सकती है डबलडेकर की रौनक

डबलडेकर बसों की रौनक लौटाने के लिए अफसरों ने मंथन शुरू कर दिया है। इसमें बसों की स्पीड लिमिट 50 से बढ़ाकर 65 किमी प्रतिघंटे तक करने पर विचार हो रहा है। इन बसों को 50 से 80 किमी दूरी वाले रूट पर चलाने के लिए भी मंथन हो रहा है। इससे यात्रियों को राहत भी मिलेगी और रोडवेज का राजस्व भी प्रभावित नहीं होगा।

किराया कम, फिर भी यात्रियों ने किया किनारा

बस किराया सीटें स्पीड लिमिट
साधारण 194 रुपये 52 80-90 किमी/घंटे
एसी जनरथ 242 रुपये 55 90-100 किमी/घंटे
डबलडेकर 212 रुपये 64 50 किमी/घंटे


(नोट: साधारण व एसी जनरथ बसें लखनऊ से अयोध्या पहुंचने में दो से ढाई घंटे लेती हैं। डबलडेकर बस स्पीड कम होने के कारण तीन से चार घंटे तक ले रही थी।)

रोडवेज क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि लखनऊ से अयोध्या के बीच चलने वाली डबलडेकर बस सेवा बंद कर दी गई है। इन बसों को अयोध्या पहुंचने में अधिक समय लग रहा था। इससे यात्री नहीं मिल रहे थे और खर्च नहीं निकल पा रहा था। अभी छह बसें बाराबंकी डिपो में खड़ी हैं। इन बसों को चलाने के लिए नए सिरे से मंथन हो रहा है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें