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ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी को लगाया 20 करोड़ का चूना

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लखनऊ। बीटेक और आईटीआई पास जालसाजों ने तीन साल में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजन को 20 करोड़ रुपये की चपत लगा दी। साइबर सेल की टीम ने शनिवार देर रात जयपुर निवासी सोहित सोनी और राहुल सिंह राठौर को दबोच लिया।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक, जालसाज ऑनलाइन असली वे-प्रोटीन मंगाकर ऑर्डर निरस्त कर देते थे। इसके बाद नकली सामान भरकर ऑर्डर लौटा देते थे। अमेजन के अधिकारियों ने मामला पकड़ में आने के बाद गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शातिरों के पास से भारी मात्रा में नकली वे-प्रोटीन पाउडर व कई मोबाइल व सिम बरामद किए हैं। मालूम हो कि साइबर सेल की टीम ने तीसरी बार अमेजन कंपनी के साथ हुए जालसाजी का पर्दाफाश किया है।
एसएसपी के मुताबिक, जालसाज अमेजन से ऑनलाइन आईसोप्योर कंपनी के मंहगे वे-प्रोटीन ऑर्डर करते थे। डिलीवरी के बाद ऑर्डर कैंसल कर देते थे। इसके बाद आईसोप्योर प्रोटीन निकालकर डब्बे में घटिया क्वालिटी का प्रोटीन भरकर और अमेजन का फर्जी स्टीकर लगाकर लौटा देते थे। इसके बाद आईसोप्योर प्रोटीन जिम सेंटरों में जाकर सस्ते दाम पर बेच देते थे। साइबर सेल के नोडल अधिकारी व सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक, जालसाज सोहित सोनी जयपुर के नॉर्थपार्ट श्रीरामनगर विस्तार कालबाड़ा रोड झोटवाड़ा का रहने वाला है। उसने जयपुर से बीटेक किया है। वहीं, राहुल सिंह राठौर जगदीशपुरी कॉलोनी पहला बालाजी धर्मकांटा सीकर रोड जयपुर का रहने वाला है। उसने आईटीआई की है। पढ़ाई के दौरान दोनों ने जिम जॉइन कर अमेजन से वे-प्रोटीन मंगाना शुरू किया। दोनों मॉडलिंग भी करते थे। इस दौरान उन्होंने कंपनी के प्रोडक्ट वापस किया जो बिना तहकीकात के हो गया। इसके बाद उन्होंने ठगी शुरू कर दी।
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जालसाजों ने कहा कि वापस ही नहीं होता प्रोडक्ट
जालसाजों ने बताया कि वे जिम ट्रेनर हैं। कुछ साल पहले अमेजन से प्रोटीन पाउडर मंगाते थे। कई बार असली डब्बे में नकली पाउडर भेजा गया, जिसे लौटा दिया था। जिन सामानों की बरामदगी दिखाकर उसे जालसाज बताया जा रहा है, कंपनी ने 2018 में उसकी वापसी बंद कर दी है। वहीं, कंपनी के शशांक सिंह के मुताबिक, कंपनी आज भी उक्त सामानों की वापसी ले रही है।
अमेजन से ही मंगाते थे अमेजन का स्टीकर
आईसोप्योर वे-प्रोटीन के 11 डब्बे, गोल्ड स्टैंडर्ड प्रोटीन के नौ पैकेट, 29 सिमकार्ड, 7 मोबाइल, अमेजन के स्टीकर और स्मार्ट वॉच बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, स्टीकर भी जालसाज अमेजन से ही मंगाते थे, जिसे कंपनी खुद बेचती है।
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