प्रदेश में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत आवेदन व अपील की ऑनलाइन व्यवस्था का विस्तार की तैयारी है। शासन स्तर पर यह प्रयोग सफलता पूर्वक लागू होने के बाद इसका विस्तार मंडलायुक्त, जिलाधिकारी व गृह विभाग के जोन व मंडल स्तरीय कार्यालयों पर लागू करने की तैयारी है।
सीएम योगी के निर्देश पर शासन ने केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश में भी आम लोगों की सुविधा के लिए आरटीआई अधिनियम के अंतर्गत आवेदन व प्रथम अपील को ऑनलाइन प्राप्त किए जाने की व्यवस्था की पहल की थी। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से एक वेबपोर्टल ‘https://rtionline.up.gov.in’ विकसित किया गया था।
पहले चरण में इस पोर्टल को सचिवालय के समस्त विभागों व उनके नियंत्रण वाले विभागाध्यक्ष कार्यालयों के लिए संचालित किया गया। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव शशि प्रकाश गोयल ने पिछले दिनों इस पोर्टल पर आने वाले आवेदन व उसके निस्तारण की समीक्षा की। इसी बैठक में प्रदेश के समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारी तथा पुलिस विभाग के जोन व परिक्षेत्र (मंडल) स्तरीय कार्यालयों पर इसे लागू करने का फैसला हुआ। इस संबंध में कार्यवाही शुरू कर दी गई है। जल्दी ही इन कार्यालयों से ऑनलाइन आवेदन व अपील का निस्तारण शुरू हो जाएगा।
तय समय अवधि में आवेदन व अपील निस्तारण के फरमान
मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों की इस लचर कार्यशैली पर चिंता व्यक्त की है। योगी ने शासन के समस्त वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने कार्यालय व नियंत्रण वाले विभागाध्यक्ष कार्यालयों में नामित जन सूचना अधिकारियों को निर्देशित करें कि वे आरटीआई अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदन व अपील को नियमित रूप से देखें व अधिनियम में तय समय अवधि में उसका समुचित निस्तारण सुनिश्चित कराएं।