रायबरेली। बड़े अस्पतालों की तरह बृहस्पतिवार से जिला अस्पताल में भी ऑनलाइन परचा बनाने का काम शुरू हो गया। कंप्यूटर से परचा बनवाने के लिए लोगों की लाइन लगी रही। पहले दिन 70 मरीजों ने ऑनलाइन परचा बनवाकर ओपीडी में इलाज कराया। जल्द ही सभी काउंटरों पर ऑनलाइन परचे बनाने का काम शुरू होगा। इसके अलावा परचा काउंटर, ओपीडी, ओटी, वार्ड को आपस में लीज लाइन से जोड़ने का काम भी जल्द ही पूरा होगा।
प्रदेश के बड़े अस्पताल हेल्थ इंफार्मेंशन मैनेजमेंट सिस्टम (एचआईएमएस) से जुड़े हैं। जिला महिला व पुरुष अस्पतालों के साथ ही सभी 19 सीएचसी को भी इसी सिस्टम से जोड़ने के लिए 4.28 करोड़ रुपये मिले हैं। बजट मिलने के बाद जिला अस्पतालों और सीएचसी में परचा काउंटर, ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी कक्षों, पैथोलॉजी, डिलवरी कक्ष और सभी वार्डों को आपस में नेटवर्किंग से जोड़ने का काम चल रहा है।
बृहस्पतिवार से जिला अस्पताल में ऑनलाइन परचा बनाने का काम शुरू हो गया। एक-एक करके पूरा सिस्टम काम करना शुरू करेगा। इससे मरीजों को ओपीडी कक्षों से लेकर वार्डों तक बेहतर सुविधा मिलेगी। लीज लाइन व नेटवर्किंग का काम 20 लाख रुपये से कराया जा रहा है।
जिला अस्पताल में पहले दिन एक-एक करके 70 मरीजों ने ऑनलाइन परचा बनवाया। अन्य काउंटरों पर पहले की ही तरह मैनुअल परचे भी बनाए गए, लेकिन जल्द ही लीज लाइन का काम पूरा होने के बाद सभी काउंटरों पर ऑनलाइन परचे बनाए जाएंगे।
जल्द ही पूरा अस्पताल हो जाएगा ऑनलाइन
जिला अस्पताल के हॉस्पिटल प्रबंधक डॉ. बीआर यादव ने बताया कि जल्द ही ऑनलाइन सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ऑनलाइन पंजीयन के बाद हर मरीज का कोड अलग होगा। इसी कोड से वह जांच रिपोर्ट ऑनलाइन निकाल सकेगा। इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, ऑपरेशन थियेटर, दवा स्टोर, ब्लड बैंक और पैथालॉजी में कंप्यूटर लगाए जाएंगे। ये सभी आपस में कनेक्ट होंगे। सभी विभाग भी इंटरनेट के जरिए आपस में कनेक्ट कराए जा रहे हैं।
इनसेट
ऑनलाइन परचा बनवाने का काम शुरू करा दिया गया है। पहले दिन 70 मरीजों ने परचा बनवाया है। ऑनलाइन सिस्टम से पूरे अस्पताल को जोड़ा जा रहा है।
डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल