रायबरेली। जिले से गुजर रहे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने कोे मंजूरी मिली है। करीब 100 हेक्टयर भूमि पर कॉरिडोर के लिए दो स्थलों को चिह्नित किया गया है। ऊंचाहार या ऐहार में जल्द ही जमीन की व्यवस्था कर कॉरिडोर विकसित करने का काम शुरू होगा। प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को भेजा गया है। कॉरिडोर विकसित होने के बाद जिले के लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मेरठ से प्रयागराज तक करीब 596 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे जिले में करीब 3300 बीघे जमीन से गुजर रहा है। जिला प्रशासन ने किसानों से जमीन की व्यवस्था कराकर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण को उपलब्ध कराया है। एक्सप्रेसवे के निर्माण काम भी तेजी से चल रहा है।
सलोन, ऊंचाहार, डलमऊ और लालगंज तहसील क्षेत्र से यह जा रहा है। शासन की मंशा पर एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने को मंजूरी मिली है। इसके लिए ऊंचाहार और ऐहार में स्थलों का चयन करके जिला प्रशासन ने प्रस्ताव यूपीडा को भेजा है। इसी सप्ताह स्थल के पास होने की उम्मीद है। ऊंचाहार या ऐहार में यह कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक्सप्रेसवे से जुड़े गांवों में जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
छोटे व बड़े उद्योगों की होगी स्थापना, होगा विकास
ऊंचाहार या ऐहार में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पास होने के बाद यहां पर उद्योग लगाने के लिए कंपनियों को जमीन दी जाएगी। छोटे व बड़े उद्योग लगाने के साथ ही अन्य औद्योगिक सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इससे कॉरिडोर के आसपास के गांवों के किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी। उनकी जमीनों की कीमत बढ़ने के साथ वे भी व्यावसायिक गतिविधियों को शुरू कर सकेंगे। कॉरिडोर में फार्मा पार्क, टेक्सटाइल पार्क, वेयर हाउस, लॉजिस्टिक, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, होजरी, फूड प्रोसेसिंग, दुग्ध प्रसंस्करण, दवाएं, आईटी पार्क आदि बसाए जा सकेंगे। इससे जिले के लोगों को रोजगार मिलेगा।
एक्सप्रेसवे के किनारे जमीनों के भाव बढ़े
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे जमीन के रेट आसमान छू रहे हैं। जहां जमीन की कीमत न के बराबर थी, वहीं वे इसके निकलने के बाद मूल्य तेजी से बढ़ गए हैं। औद्योगिक गलियारा स्थापित होने के बाद रेट और बढ़ जाएंगे। इससे किसानों को बड़ा फायदा होगा।
जल्द शुरू होगा काम
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित होना है। इसके लिए दो स्थलों को चिह्नित किया गया है। प्रस्ताव यूपीडा को भेजा गया है। जल्द ही ऊंचाहार या ऐहार का प्रस्ताव पास होगा, जिसके बाद काम शुरू कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हर्षिता माथुर, जिलाधिकारी