उत्तर प्रदेश में वैट कर प्रणाली मजबूत करने के लिए वाणिज्य कर आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने व्यापारियों के साथ बैठक की।
इसमें व्यापारियों से कहा कि वे वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत हों ताकि वैट कर व्यवस्था का लाभ उन्हें मिल सके।
इस पर विभागीय प्रक्रिया सरल बनाकर करदाताओं को ‘द्वार पर पंजीयन’ सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। साथ ही ‘ई-पंजीयन’ की व्यवस्था ऑन-लाइन आरम्भ हो रही है।
वाणिज्य कर आयुक्त ने कहा कि दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश में आयात किए जाने वाले माल पर ‘ई-संचरण’ ऑन लाइन वैट व्यवस्था 28 अक्तूबर लागू की जाएगी।
यह व्यवस्था रिफाइंड ऑयल, वनस्पति घी सहित 25 श्रेणी की व्यापारिक वस्तुओं में लागू होगी। इससे आयातित माल प्रदेश भर में व्यवधान रहित लाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के पंजीकृत व्यापारी अपना विशिष्ट संचरण नम्बर जेनरेट कराके इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इसके लिए आन-लाइन फार्म 38 भरकर अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत कराना होगा।
आयुक्त ने कहा कि व्यापारियों को बिना किसी कठिनाई के ऑन-लाइन पंजीयन की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। विभाग इन्हें टिन नंबर उपलब्ध करा देगा।
संवेदनशील वस्तुओं का व्यापार करने वाले व्यापारियों के लिए टिन नंबर पंजीयन जांच के बाद ही जारी किया जायेगा। बैठक में व्यापारियों ने भी कई सुझाव दिए। बैठक में अपर आयुक्त वाणिज्य कर सेलवा जे कुमारी सहित कई अन्य उपस्थित थे।