लखनऊ। राजधानी के बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्ज अदायगी के तौर पर विद्यालयों का भवन तो बनवा दिया, लेकिन आज तक चारदीवारी नहीं बन पाई। स्कूलों की सुरक्षा और स्वच्छता की अनदेखी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विधानसभा में मुद्दा उठने और मंत्री द्वारा चारदीवारी बनवाने के आश्वासन के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
बीकेटी ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सरकपुर सरैंया का निर्माण वर्ष 2008 में हुआ था। स्थापना के 17 वर्ष बाद भी यहां चारदीवारी नहीं बन सकी है। वर्ष 2024 में सिराथू की विधायक पल्लवी पटेल ने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया था। बेसिक शिक्षा मंत्री ने चारदीवारी बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब एक साल बाद भी हालात जस के तस हैं। इसी क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय भैंसामऊ की स्थिति भी बिल्कुल वैसी ही है। प्रधानाचार्य और शिक्षक कई बार संबंधित अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला।
अराजक तत्वों और छुट्टा जानवरों का जमावड़ा
चारदीवारी न होने की वजह से सरकपुर सरैंया और भैंसामऊ विद्यालय में छुट्टा पशु, विषैले जीव-जंतु और आवारा तत्वों का जमावड़ा रहता है। इससे विद्यालय परिसर में गंदगी फैलती है और बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराता है। स्कूल के बाद अंधेरा होते ही परिसर में अराजक तत्व जुट जाते हैं। सुबह के समय परिसर में शराब की खाली बोतलें और अन्य सामान बिखरे मिलते हैं।
कीचड़ से होकर गुजरते हैं बच्चे
चारदीवारी न होने के कारण विद्यालय परिसर में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिनमें जानवर लोटते हैं। बरसात में हालात और बिगड़ जाते हैं। बच्चे कीचड़ भरे रास्तों से होकर विद्यालय आते हैं। इसके अलावा, आसपास झाड़-झंखाड़ भी उग आया है, जिससे सांप-बिच्छू जैसे विषैले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है।
वर्जन
जनपद के अधिकांश विद्यालयों में चारदीवारी बना दी गई है। जिन विकास खंडों में यह कार्य अभी नहीं हो पाया है, उन्हें चिह्नित करवाकर चारदीवारी बनवाई जाएगी।
-अजय जैन, मुख्य विकास अधिकारी
विधायक का वर्जन
सदन में आश्वासन के बाद भी मामले में कार्रवाई न होना लापरवाही है। आगामी विधानसभा सत्र में इसे दोबारा उठाया जाएगा और जिम्मेदारों से पूछा जाएगा कि चारदीवारी क्यों नहीं बनी।
- पल्लवी पटेल, विधायक, सिराथू
उच्च प्राथमिक विद्यालय सरकपुर सरैंया में नहीं है चारदीवारी। -संवाद