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Lucknow : शार्ट सर्किट से घर में लगी आग, दम घुटने से रिटायर्ड शिक्षिका की मौत, बेटी को सुरक्षित निकाला गया

Mon, 28 Nov 2022 07:03 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

आग काफी तेजी से फैल रही थी। देखते-देखते आग पहली मंजिल को पूरी तरह से अपने जद में ले लिया। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को राहत कार्य करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आग के बीच से निकलने का रास्ता बनाने में अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को करीब डेढ़ घंटे लग गये।
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आग पर काबू पा लिया गया है। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लखनऊ में विकासनगर सेक्टर-4 के मकान नंबर 485 में सोमवार दोपहर को अचानक आग लग गई। पहली मंजिल पर आग लगने से अंदर रिटायर्ड बुजुर्ग शिक्षिका शशि देवरा (70) और उनकी बेटी ऋचा देवरा फंस गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ऋचा देवरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन शशि मकान के पिछले हिस्से में बने रसोई खाना निकाल रही थी। जिसके कारण वह फंस गई थी। उनको निकालने में देरी हो गई। अग्निशमन विभाग की टीम ने शशि को बाहर निकाला। बेहोशी की हालत में उनको ट्रामा सेंटर भर्ती कराया गया। जहां उनकी मौत हो गई। आग पर काबू पाने में अग्निशमन विभाग को ढाई घंटे लग गये।

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डीसीपी उत्तरी कासिम आब्दी के मुताबिक विकासनगर सेक्टर-4 स्थित 485 नंबर मकान में शशि देवरा अपनी इकलौती बेटी के साथ रहती थीं। उनके पति राजकुमार देवरा की चार साल पहले बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। शशि लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज में शिक्षिका थी। वहीं उनकी बेटी ऋचा घर में ही बुटिक का काम करती थी। डीसीपी के मुताबिक करीब डेढ़ बजे विकासनगर थाने को आग लगने की सूचना मिली। इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पहली मंजिल पर आगे वाले हिस्से में बने ड्राइंग रुम में फंसी ऋचा को सीढ़ी लगाकर सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसी बीच आग की तेज लपटें निकलने लगी। तत्काल सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई। मौके पर हजरतगंज व इंदिरानगर फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। 8 फायर टेंडर ने आग पर काबू पाना शुरू किया।

एक घंटे तक फंसी रही बुजुर्ग शिक्षिका
आग काफी तेजी से फैल रही थी। देखते-देखते आग पहली मंजिल को पूरी तरह से अपने जद में ले लिया। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को राहत कार्य करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं घर के पिछले हिस्से में बने रसोई में फंसी शशि देवरा का दम घुटने लगा। आग के बीच से निकलने का रास्ता बनाने में अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को करीब डेढ़ घंटे लग गये। किसी तरह शशि तक अग्निशमन के कर्मचारी पहुंचे। आननफानन बेहोशी की हालत उनको बाहर निकाला गया। इसके बाद तत्काल ट्रामा सेंटर भेजा गया। जहां कुछ देर बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक रसोई के पास वाले कमरे में आग लगी थी। जिसके कारण वह अंदर फंस गई थी। घर का पूरा पिछला हिस्सा धुंआ से भर गया था। जिसके कारण उनका दम घुट गया। वह बेहोश हो गई थी। उनके शरीर के कुछ हिस्से आग की लपटों की चपेट में आने से झुलस गये थे।
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आधे घंटे देरी से पहुंची दमकल की गाड़ी, हंगामा
स्थानीय लोगों ने दमकल की गाड़ियों के पहुंचने में देरी होने पर हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि दमकल की गाड़ियां सूचना देने के आधे घंटे बाद पहुंची। जिसके कारण आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियां समय से आ जाती तो राहत कार्य शुरू हो जाता है। ऋचा की तरह ही शशि को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया होता। हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिलाया।

शशि रसोई निकाल रही थी खाना
पुलिस के मुताबिक  शशि के साथ उनकी बेटी ऋचा रहती थी। शादी के कुछ समय बाद से ऋचा मायके में रहती थी। वहीं पर बुटीक का काम कर रही थी। ऋचा के मुताबिक दोपहर करीब 1.30 बजे मां रसोई में थी। वह ड्राइंग रूम में बैठकर खाने का इंतजार कर रही थी। इसी बीच मां शशि आग-आग चिल्लाने लगी। भागकर वह किचन के पास पहुंची तो देखा कि किचन और उससे सटे कमरे से तेज लपटें व धुआं निकल रहा था।  एक बार तो कुछ समझ में नहीं आया वह क्या करे। भागकर बालकनी में आकर शोर मचाने लगी। शोर सुनकर आसपास के लोग अपने-अपने घर से निकलकर बाहर आए। आग की लपटें देख सभी के होश उड़ गए। लोगों ने पानी डालने के साथ पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। पुलिस और दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे तब तक आग पूरे घर को अपनी चपेट में ले चुकी थी। एफएसओ इंदिरानगर अजय कुमार सिंह के मुताबिक पांच फायर स्टेशन इंदिरानगर, हजरतगंज, चौक, गोमतीनगर व बीकेटी से दकमल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंची थी। अग्निशमन कर्मियों को आग पर काबू पाने में ढाई घंटे का समय लग गया।

10 मिनट में पूरे घर में फैल गई आग
घर में अचानक आग लगी। शशि व ऋचा अभी कुछ समझ पाते आग फैलने लगी। देखते-देखते दस मिनट भी नहीं लगे कि पूरी पहली मंजिल को अपनी जद में ले लिया। घर के अंदर की स्थिति देखकर किसी को अंदाजा नहीं हो रहा था कि इतने कम समय में आग पहली मंजिल में फैल गई। करीब 20 मिनट के अंदर पूरा मकान का पहला तल धू-धू कर जलने लगा। आग की लपटें बाहर निकलने लगी। जिसे देख कर आसपास के करीब 10 मकानों से लोग खुद को सुरक्षित करने  के लिए बाहर निकल गये। पूरे कालोनी में काला धुआं फैल गया था।

तेज धमाके के साथ फटा ब्लोअर और फैल गई आग
पुलिस के मुताबिक शशि देवरा का मकान करीब 35 सौ वर्गफीट से अधिक बड़ा है। भू-तल व प्रथम तल है। भूतल पूरी तरह से खाली था। पुलिस के मुताबिक मां-बेटी दोनों पहली मंजिल पर ही रहती हैं। आग रसोई घर के पास बने कमरे में लगा। उस कमरे में शशि रहती हैं। कमरे में ब्लोअर चालू हालत में था। इसी बीच शशि खाना निकालने चली गई। अचानक से ब्लोअर तेज धमाके के साथ फट गया। उसकी चिंगारी पूरे कमरे में फैल गई और धू-धू कर जलने लगा। आग की चपेट में आने से कमरे में रखे कीमती सामान जलकर राख हो गया।

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