चीनी मिलों के समय से न चलने के कारण गन्ना किसानों की करीब एक हजार बेटियों की शादी टल गई है।
इनमें से कुछ बेटियों की शादी दिसंबर में होनी थी तो कुछ की जनवरी में।
पश्चिमी यूपी में ही करीब 200 शादियां स्थगित हुई हैं और पूरे प्रदेश में करीब एक हजार विवाह टलने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश के बेबस गन्ना किसानों के घरों में इन दिनों आंखें नम हैं। सरकार सारा जोर लगा ले तो भी पंद्रह दिसंबर से पहले मिलें चलती नहीं दिख रहीं।
29 लाख किसान परेशान
29 लाख किसान अपनी फसल को लेकर परेशान हैं। कहां लेकर जाएं गन्ना। खेत में खड़े गन्ने पर तमाम प्लान बना रखे थे। किसी को बेटी की शादी करनी थी तो किसी को रिश्ता। काश्तकारों की पंचायत से मिली जानकारी के मुताबिक मुरादाबाद जनपद में ही करीब 130 बेटियों के विवाह का मंडप गन्ने की कीमत से सजना था।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत का कहना है कि किसानों के हालातों पर जो रिपोर्ट मिल रही है वह वाकई चौंकाने वाली हैं। एक हजार से ज्यादा बेटियों की शादी फंस गई है। रिश्ते होकर टूट रहे हैं।
सबसे बुरी स्थिति मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, बुलंदशहर, बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा और लखीमपुर खीरी में है। इन जनपदों का किसान गन्ने के पैसे से ही पूरा बजट तैयार करता है।