एक ही आईडी और पासवर्ड से एक दिन में कई प्रदेशों में प्रमाणपत्र बनाए गए। देश की सुरक्षा में सेंध लगाकर बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को नागरिकता दिलाने की कोशिश भी की गई।
सलोन ब्लॉक के पांच गांवों में 19,184 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी होने के बाद अब अन्य गांवों में भी जांच की जा रही है। इस दौरान 24 अक्तूबर 2023 को नुरुद्दीनपुर गांव में करीब एक हजार प्रमाणपत्र जारी करने के साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा गढ़ी इस्लाम नगर, लहुरेपुर, सिरसिरा, गोपालपुर गांवो में भी अलग-अलग तारीखों में एक-एक दिन में क्षमता से बहुत ज्यादा प्रमाणपत्र बनाने की बात सामने आई है। ऐसे में कहीं न कहीं बड़ी साजिश हो सकती है। फिलहाल यूपी एटीएस फर्जीवाड़े की जांच कर रही है।
एक प्रमाणपत्र बनाने में लग जाते हैं औसतन 15 मिनट
अमूमन ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवों को अपनी आईडी और पासवर्ड से एक जन्म प्रमाणपत्र बनाने में करीब 15 मिनट का समय लग जाता है। कभी सर्वर डाउन होने की समस्या रहती है। ऐसे में एक घंटे में मात्र चार से पांच प्रमाणपत्र बन पाते हैं। सूत्रों के अनुसार एक आईडी और पासवर्ड से एक दिन में पांच सौ से एक हजार प्रमाणपत्र एक कंप्यूटर से बनाना असंभव है।
इसके लिए ज्यादा कंप्यूटरों की जरूरत होगी और सभी में उसी आईडी-पासवर्ड का प्रयोग किया जाए। यह तभी संभव है, जब किसी बड़ी साजिश को अंजाम देना हो। सलोन में फर्जीवाड़े के अब तक सामने आए तथ्यों में घुसपैठियों की साठगांठ होने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
यूपी एटीएस के आईजी कर चुके हैं आरोपियों से पूछताछ
यूपी एटीएस के आईजी नीलाब्जा चौधरी और लखनऊ रेंज के आईजी अमरेंद्र सेंगर 18 जुलाई को सलोन पहुंचकर सरगना मो. जीशन, वीडीओ विजय यादव व अन्य आरोपियों से देररात तक पूछताछ कर चुके हैं। 19 जुलाई को आरोपी विजय यादव, मो. जीशान, नियाज और सुहेल खान को जेल भेज दिया गया। विवेचना भी जल्द ही एटीएस को सौंपी जाएगी।
कहां कितने मिले फर्जी प्रमाणपत्र
ग्राम पंचायत फर्जी जन्म प्रमाणपत्र
नुरुद्दीनपुर 10151
लहुरेपुर 3780
सिरसिरा 2773
गढ़ी इस्लामनगर 2255
गोपालपुर उर्फ अनंतपुर 225