याजदान बिल्डर पर ठगी का एक और केस हजरतगंज थाने में दर्ज किया गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि अलायह हेरिटेज अपार्टमेंट में 68 लाख रुपये में फ्लैट बुक कराया था। बाद में पता चला कि अपार्टमेंट नजूल की जमीन पर बना है। इसे एलडीए ने गिरा दिया है। पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो बिल्डर धमकाने लगा।
इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्रा के मुताबिक, राजेश कुमार सिंह एपीसेन रोड चारबाग स्थित चौरसिया अपार्टमेंट में रहते हैं। उन्होंने बताया कि याजदान इंफ्राकन प्रा. लि. के निदेशक लालबाग के भोपाल हाउस निवासी फहाद याजदानी, शायम याजदानी, शराफत अली सिद्दीकी, राकेश भाल और अफजाल ने फ्लैट के संबंध में जानकारी दी थी।
सौदा तय होने के बाद 68 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा कराए थे। आरोपियों ने एलडीए व रेरा के कई प्रमाण पत्र भी दिखाए। 31 दिसंबर 2019 को रजिस्ट्री करवा दी। पिछले साल पता चला कि अपार्टमेंट नजूल की जमीन पर बनाया गया है। एलडीए ने 15 नवंबर को अपार्टमेंट को अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी।
पीड़ित के मुताबिक, शुरुआत में फहाद ने रकम लौटाने की बात कही। इस बीच वजीर हसन रोड स्थित अलाया अपार्टमेंट ढह गया। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई और फहाद फरार हो गया।
फिर उसकी पत्नी शरीन फहाद से रकम लौटाने की बातचीत शुरू हुई। उसने भी हामी भरी, लेकिन बाद में धमकाने लगी। इंस्पेक्टर के मुताबिक, फहाद याजदानी, उसकी पत्नी शरीन, सईम याजदानी, शराफत अली सिद्दीकी, राकेश भाल और अफजाल पर केस दर्ज किया गया है।