रामनगर क्षेत्र के रानीगंज स्थित ठेके से खरीदी गई जहरीला शराब पीने से एक और व्यक्ति की जान चली गई। इसके साथ ही तीन दिन में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। जहरीला शराब पीने से बीमार पड़े 85 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
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इस बीच मृतकों के घर से मिली शराब में मिथाइल अल्कोहल मिली होने की आबकारी विभाग ने पुष्टि की है। इसके बाद रानीगंज समेत दो दुुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। उधर गुरुवार को दम तोड़ने वाले व्यक्ति को तड़के तीन बजे सूरतगंज सीएचसी से गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। इस बीच नए जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
रामनगर थाना क्षेत्र के रानीगंज निवासी राजेश (40) पुत्र सूरजलाल को गंभीर हालत में बुधवार देर रात परिवारीजन सीएचसी सूरतगंज लेकर पहुंचे। राजेश की हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बृहस्पतिवार तड़के जिला अस्पताल में राजेश की मौत हो गई।
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इसके साथ ही जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 22 हो गई है। राजेश की पत्नी रीना देवी ने बताया कि उसने रविवार शाम को रानीगंज ठेके से खरीद कर देशी शराब पी थी। इसके बाद बुधवार दोपहर में करीब एक बजे तबीय बिगड़ गई तो राजेश सूरतगंज में अपनी बहन मीना देवी के यहां चला गया।
प्राइवेट डॉक्टर के यहां इलाज कराने के बाद हालत में सुधार नहीं हुआ। बुधवार रात करीब 12 बजे पेट में तेज दर्द होने पर परिवारीजनों ने सीएचसी सूरतगंज में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने हालत नाजुक देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां राजेश की मौत हो गई है।
जहरीली शराब पीने से बीमार हुए तीन और लोग अस्पताल पहुंचे। प्रदीप निवासी ग्राम कुतलुपुर, गिरजाशंकर निवासी ग्राम रहटा और रामनरेश निवासी शाहपुर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 22 हो गई लेकिन प्रशासन 18 लोगों की मौत का दावा कर रहा है। बीमार होने वालों में अब तक केजीएमयू लखनऊ 44, बलरामपुर अस्पताल में आठ, लोहिया अस्पताल में एक व बाराबंकी जिला अस्पताल में 32 लोगों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
देशी शराब में मिलाई गई थी मिथाइल अल्कोहल
जिले के नए आबकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि रानीगंज ठेके की शराब पीकर मरने वाले छोटेलाल के घर में कुछ शराब मिली थी। उस शराब की जांच कराई। जांच में शराब में मिथाइल अल्कोहल निकला है। आबकारी अधिकारी ने बताया कि मिथाइल व एथाइल अल्कोहल देखने और सुगंध में एक ही तरह का होता है।
देखकर फर्क का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। एथाइल अल्कोहल से शराब बनती है। मिथाइल अल्कोहल प्रतिबंधित होने के साथ बहुत खतरनाक है। मिथाइल अल्कोहल किसी दुकान पर नहीं मिलता है। कुछ फैक्टरियों में इसका इस्तेमाल होता है।
मिथाइल अल्कोहल का प्रयोग बाराबंकी-देवा मार्ग पर स्थित एक-दो फैक्टरियों में किया जाता है। वहां पर टैंकर से मिथाइल अल्कोहल आता है। अवैध शराब के कारोबारी सस्ते में उसे खरीद कर शराब बनाते हैं। आबकारी अधिकारी ने भी माना कि टैंकर से चोरी कर मिथाइल अल्कोहल की सप्लाई होती है। सस्ता होने के चलते मिलावटखोर इसे खरीद कर अपने काम को अंजाम देते हैं। बताया कि इसे लेकर पूरे जिले में शराब की दुकानों की चेंकिग का अभियान चलाया जा रहा है।
रानीगंज कस्बे की दुकान के साथ रामनगर-दो देशी शराब दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। जांच में रानीगंज में रामनगर टू की शराब मिली थी। जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि रानीगंज कस्बे की अंग्रेजी शराब दुकान व भुंड कस्बे में देशी शराब दुकान पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस दुकान से भी मिलावटी शराब की बिक्री के बारे में शिकायत मिली है।
छह आरोपी हो चुके गिरफ्तार, एक पर 20 हजार इनाम
एसपी अजय साहनी ने बताया इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच मुकदमे दर्ज किए हैं। आरोपियों में शराब ठेकेदार दानवीर सिंह, आबकारी निरीक्षक रामतीरथ मौर्या, मुख्य सप्लायर पप्पू जायसवाल, सुनील जायसवाल, शिवम व पीतांबर पकड़े जा चुके हैं। आरोपी मनीष अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 20 हजार का इनाम घोषित कर रखा है। जहरीला शराब कांड में कुछ अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। एसपी ने कहा आरोपियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई होगी।