भाजपा पार्षद के विरोध के बाद नगर निगम ने नए नाले की उपयोगिता को लेकर आईईटी लखनऊ से जांच कराई र्गई। आईईटी में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश नरायन ने जांच रिपोर्ट में कहा कि नगर निगम द्वारा बना जल निकासी का प्लान सही है। जो योजना बनी है वह इलाके की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से सबसे उपयुक्त है। इसके बाद भी यह काम अब तक अटका हुआ था।
इसलिए बना था नए नाले का प्रोजेक्ट
इस्माइलगंज द्वितीय वार्ड में मुलायम नगर और पटेल नगर काफी नीचे बसा है। इससे यहां पर इंदिरा नगर सेक्टर आठ व नौ का पानी भी आ जाता है। इसके अलावा पानी गांव, राजीव नगर, रघुवर नगर व हरिहर नगर सहित करीब दर्जन भर मोहल्लों का भी पानी आता है। यहां अभी पंप के जरिये पानी फैजाबाद रोड को क्रॉस कर शहीद पथ की ओर निकाला जाता है, लेकिन पुलिया की जो क्षमता है उससे इतना पानी नहीं निकल सकता है।
इस पर 4.51 करोड़ रुपये से इंदिरा नगर सेक्टर-12 में आर्य समाज मंदिर से वैशाली एन्क्लेव होते हुए महालक्ष्मी लॉन से सेक्टर-8 चौराहा होते हुए फैजाबाद रोड पर सुषमा हॉस्पिटल तक नाला निर्माण की योजना बनी। ताकि इन इलाकों का पानी पटेल नगर की ओर न जाए और वहा जलभराव की समस्या न पैदा हो।
इस्माइलगंज द्वितीय वार्ड में तो सतुआ तालाब का पानी पंप करने को पंप हाउस बना है, लेकिन इंदिरा नगर वार्ड में नाला न बनने से इस्माइलगंज प्रथम वार्ड की अमलतास कॉलोनी, शालीमार गार्डन, देव नगर, दीपक नगर, गुरु भारती पुरम आदि इलाकों में जलभराव की समस्या हो रही है।
जनहित के काम में नहीं चलेगी किसी की मनमानी
नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि जनहित के काम में किसी की मनमानी नहीं चलेगी। नाला बन जाने से एक बड़ी समस्या हल हो जाएगी। पार्षद की आपत्ति के बाद प्रोजेक्ट का आईईटी ने परीक्षण भी कर लिया है तो अब कोई विवाद नहीं बचता। यदि चंद लोगों को परेशानी होगी तो उसे दूर किया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वह नाला निर्माण का काम शुरू कराएं। कोई विरोध करता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करें।