राजधानी लखनऊ में पारा बढ़ने के साथ बिजली संकट गहराता जा रहा है। एफसीआई और शकुंतला उपकेंद्र से जुड़े इलाकों की करीब एक लाख की आबादी 42 घंटे तक बिजली के लिए तरस गई। इस बीच शिकायत के बावजूद बिजली नहीं आई तो शुक्रवार रात 11:15 बजे उपभोक्ताओं का गुस्सा बुद्धेश्वर चौराहे पर फूट पड़ा। 300 से ज्यादा लोगों ने सड़क जाम कर एक घंटे तक प्रदर्शन किया। इससे आवागमन ठप हुआ तो पुलिस ने लाठी फटकार लोगों को खदेड़ा।
जेई जहांगीर आलम कार से लोगों के बीच पहुंचे तो उनके खिलाफ नारेबाजी होने लगी। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बंधक बनाकर जमीन पर बैठा लिया और कार भी पंचर कर दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी बुद्धेश्वर चौराहे पर जाम लगाकर बैठ गए। पुलिस ने जेई को इनके बीच से निकाला।
मुनेश्वरपुरम के लोगों ने बिजली-पानी के इंतजाम के लिए शनिवार सुबह किराये पर जनरेटर मंगवाया। उपभोक्ता लालजी वर्मा ने बताया कि बच्चे ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। बिना बिजली के सबमर्सिबल न चलने से जलापूर्ति भी नहीं हो पा रही है। मोहल्ले वालों ने जेई व एसडीओ पर आरोप लगाया कि दोनों ने धमकी दी कि उनके खिलाफ प्रदर्शन किया है, इसलिए बिजली के लिए तरसा देंगे।