बिना मान्यता के स्कूल चलाया तो एक लाख तक जुर्माना
डीएम ने दिए मानकों की अनदेखी कर चल रहे स्कूल-कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। मान्यता के नाम पर फर्जीवाड़ा कर चल रहे स्कूल-कॉलेजों पर प्रशासन अब शिकंजा कसेगा। स्कूल-कॉलेज संचालकों को अब संबद्ध बोर्ड से मिलने वाले मान्यता प्रपत्र अथवा प्रमाणपत्र स्कूल के नोटिस बोर्ड पर लगाना जरूरी होगा। बिना मान्यता स्कूल चला रहे संचालकों पर एक लाख तक जुर्माना लगेगा। यह जानकारी जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने दी।
डीएम ने बताया कि परिषदीय स्कूलों के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी और इंटर तक की शिक्षण संस्थाओं के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका उद्देश्य अभिभावकों को बिना मान्यता के शिक्षण संस्थाओं के झांसे में आने से बचाना है। निरीक्षण के दौरान देखा जाएगा कि स्कूल ने नोटिस बोर्ड पर जिस कक्षा तक की मान्यता का प्रमाणपत्र लगाया है, असल में वही कक्षाएं संचालित हैं या नहीं।
डीएम ने बताया कि एक माह बाद क्षेत्रवार तैनात अपर नगर मजिस्ट्रेट व एसडीएम की अगुवाई में स्कूल-कॉलेजों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। कोई भी शिक्षण संस्थान निर्देश के बाद भी बिना मान्यता प्रमाणपत्र के संचालित मिला तो उसके खिलाफ दस हजार से लेकर अधिकतम एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही संचालक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।