उत्तर प्रदेश में मधुमेह के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्थिति यह है कि चार साल में महिलाओं में पांच तो पुरुषों में आठ फीसदी की दर से यह बढ़ रहा है। अब यूपी में हर पांचवां पुरुष और छठवीं महिला मधुमेह की चपेट में है। यह खुलासा हुआ है तीन दिन पहले जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण छह की रिपोर्ट में।
केजीएमयू मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि रक्त शर्करा बढ़ने की दर में लगातार इजाफा होने से कई तरह बीमारियां बढ़ने की संभावना रहती है। सिर्फ मधुमेह ही नहीं बल्कि रक्तचाप बढ़ने, हृदय और रक्त वाहिकाओं की बीमारियां, हार्ट अटैक और स्ट्रोक, किडनी की बीमारी, आंखों की रोशनी जाने, नसों की कमजोरी, पैरों की गंभीर समस्याएं, कमजोर इम्यूनिटी से होने वाली अलग- अलग तरह की बीमारियां हो सकती हैं।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि रक्त शर्करा नियंत्रित रखने के लिए जीवनशैली और खानपान में सुधार करें। मैदा, चीनी और बेकरी प्रोडक्ट्स की जगह चोकरयुक्त आटा (मल्टीग्रेन) का प्रयोग करें। हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, स्प्राउट्स (अंकुरित अनाज) और कम मीठे फल (जैसे- सेब, अमरूद, पपीता) भरपूर मात्रा में खाएं। कम से कम 30 मिनट तेज गति से पैदल चलें। वजन नियंत्रित रखें, भरपूर पानी पीएं और धूम्रपान से दूर रहें।