लखनऊ के बड़े चिकित्सा संस्थानों व अस्पतालों में कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में ही अब तक करीब 119 डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ क्वारंटीन किए जा चुके हैं। अस्पताल में संक्रमित मरीज आने या अन्य कारणों से इनके भी संक्रमित होने की आशंका है।
इससे अस्पतालों में इलाज का काम प्रभावित हो रहा है, वहीं कुछ अस्पतालाें ने डॉक्टर व स्टाफ की पहली रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें क्वारंटीन में रहने के बजाय ड्यूटी पर बुला लिया है। सिविल अस्पताल में बीते दिनों सदर की एक युवती पॉजिटिव आई थी।
उससे इमरजेंसी मेडिकल अफसर रेजिडेंट, नर्स मिलाकर 24 लोगों का स्टा क्वारंटीन किया गया था। वहीं कुछ दिन पहले डॉक्टरों से जबरन जिस शव का पोस्टमार्टम कराया गया था, वो कोरोना पॉजिटिव निकला था।
इसमें दो डॉक्टर समेत दस लोगों का स्टाफ भी क्वारंटीन में भेजा गया था। अफसरों ने कोरोना प्रोटोकॉल के तहत पांच दिन बाद सभी की जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। अफसरों ने सभी डॉक्टर व स्टाफ को ड्यूटी पर बुला लिया है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे के मुताबिक, स्टाफ की रिपोर्ट निगेटिव आने पर सभी को ड्यूटी पर बुलाया गया है।