इस योजना में घपले और डुप्लीकेसी को रोकने के लिए आधार नंबर का लिया जाना आवश्यक है। यही वजह है कि प्रदेश सरकार ने यूआईडीएआई से आधार रखने की अनुमति मांगी थी। यूआईडीएआई ने आधार वॉल्ट में आधार सुरक्षित रखने की शर्त के साथ अनुमति दे दी है।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि श्रीटॉन इंडिया लिमिटेड के पास आधार वॉल्ट उपलब्ध है, जिसमें किसी के भी आधार नंबर को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जा सकता है। यह कंपनी प्रत्येक आधार नंबर के लिए एक यूनिक कोड जारी कर देती है। इसके आधार पर विभागीय अधिकारी यह जांच कर सकते हैं कि दिया गया आधार नंबर उसी छात्र या व्यक्ति का है या नहीं। यूनिक कोड मिलने पर आधार कार्ड में दिए गए किसी भी ब्योरे की जानकारी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी हासिल नहीं कर सकते।
छात्रवृत्ति के नोडल समाज कल्याण विभाग का कहना है कि इस योजना में कक्षा-9 से उच्च, तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण करने वाले करीब एक करोड़ छात्र आवेदन करते हैं। इनमें से करीब 35 लाख छात्र ऐसे हैं, जिनके फ्रेश कैटेगरी में आवेदन करने से उनका आधार नंबर विभाग के पास नहीं है। इस साल योजना का लाभ देने से पहले उनसे भी आधार नंबर ऑनलाइन मांगा जाएगा। आवेदन करने वाले सभी एक करोड़ छात्रों को यूनिक कोड देने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया प्रांरभ की जाएगी, ताकि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न बचे।